केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ई फार्मेसी के विरोध में बुधवार को जिले में केमिस्ट शॉप जहां बंद रहीं, वहीं कई मरीज दवा की पर्ची लेकर भटकते रहे। दोपहर को नीति पर पुनर्विचार करने का आश्वासन मिलने पर दवाइयों के दुकानदारों ने हड़ताल समाप्त करके कार्य शुरू कर दिया। केमिस्ट शॉप संचालकों का कहना है कि ई-फार्मेसी में कोई भी पेशेंट ऑनलाइन दवा मंगवा सकता है। इसके लिए व्यक्ति को डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई की पर्ची को स्कैन करके भेजना होगा, जिसमें बताना होगा कि दवा कितने दिनों की चाहिए। इसके बाद यह दवा कोरियर के माध्यम से व्यक्ति के घर तक पहुंचेगी। यह दवा कोई भी मरीज देश के किसी भी रिटेलर से मंगवा सकता है। लेकिन इसी सुविधा में कई ऐसे पहलू हैं, जिनका केमिस्ट रिटेलर, होलसेलर, मरीज आदि को जबरदस्त नुकसान हो सकता है। इसी को लेकर सरकार के सामने यह सारी बातें रखी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने कुछ नहीं किया। इसी कारण से देश भर में लाखों केमिस्ट शॉप संचालक व होलसेलर बुधवार को हड़ताल में शामिल हुए और सरकार की ई फार्मेसी के कांसेप्ट का विरोध किया।
दिनभर दवाओं के लिए भटकते रहे मरीज ट्विनसिटी में अधिकतर मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी। मरीज व उनके तीमादार अपनी दवाइयों की पर्ची लेकर इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दिए। गोबिंद नगर निवासी आशा व राकेश ने बताया कि उनके पिता रमेश कुमार को पिछले कई दिनों से बुखार हो रहा है और बुधवार को जब वह दवाई खरीदने के लिए बाजार आए तो मेडिकल स्टोर बंद पड़े थे, जिसके बाद वह दवाई लेने के लिए कैंट सिविल अस्पताल पहुंची। इसी तरह गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनको कुछ दिनों से बुखार है और डाक्टर की लिखी दवा लेने मार्केट पहुंचे, तो काफी भटकने के बाद दवा मिली, लेकिन कुछ दवाएं फिर भी रह गईं। इसी तरह सिटी के जगजीत सिंह ने बताया कि उनको पेट दर्द था, जिसे लेकर उन्होंने निजी क्लीनिक पर चैक कराया। यहां डाक्टर ने कुछ दवाएं लिखीं, लेकिन मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, जिसके कारण अब वीरवार को यह दवाएं लेंगे।
यह कहते हैं केमिस्ट शॉप संचालक मेडिलक स्टोर संचालक राजन, शुभम, बृजेंद्र मल्होत्रा, अमित कुमार, देवेंद्र कुमार का कहना है कि सरकार ने जो आनलाइन दवाओं के लिए ई फार्मेसी शुरु की है, वह प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री को बढ़ावा देगी। इस में कई पहलू ऐसे हैं, जिन पर काम किया जाना है, लेकिन यह योजना आनन फानन में शुरू की गई है। यही कारण है कि सरकार का ध्यान इन नेगेटिव बिंदुओं पर ध्यान दिलाने के लिए ही एक दिन का बंद किया गया है।