अंबाला। जपियो जिन अर्जुन देव गुरु, फिर संकट जोन गर्भ न आयो अर्थात जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु महाराज का ध्यान करेगा और भक्ति करेगा, उसके दुख-दर्द दूर हो जाएंगे। उक्त बात मंगलवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित विशेष कथा और कीर्तन समागम के दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सुदर्शन सिंह सहगल ने संगत से कही।
धन-धन श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज की शहादत को नमन करने के लिए शहीदी पर्व पर इलाहीबाणी के जाप हुए। शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में 21 मई को गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के अखंड पाठ आरंभ किए, जोकि 23 मई शहीदी पर्व पर सुबह सात बजे संपन्न किए। तत्पश्चात गुरु के कीर्तनियों ने संगत को नाम सिमरण कराया। समागम की शुरुआत में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य कीर्तनी भाई सतनाम सिंह ने संगत को गुरु शब्द सुनाकर की।
इसके बाद महिला कीर्तन मंडली ने पिछले 40 दिनों से आरंभ किए गए श्री सुखमणि साहिब जी के पाठ का समापन किया। तत्पश्चात गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब से आए हजूरी रागी भाई परमजीत सिंह ने संगत को निहाल किया। इस मौके पर छोटे बच्चों ने भी अपनी मीठी आवाज में पाठ और कविताएं सुनाई। इस दौरान गोबिंद नगर गुरुद्वारा के प्रबंधन कार्यों में सहयोग कर रहे पदाधिकारी सरन सिंह भाटिया को कमेटी प्रधान और सदस्यों की ओर से सम्मानित किया।
दोपहर लगभग 12.30 बजे गुरु चरणों में अरदास उपरांत समागम संपन्न हुआ और संगत में गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। संगत के सहयोग से ठंडे व मीठे पानी की छबील भी लगाई गई। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के उप प्रधान स. गुरप्रीत सिंह भल्ला और नवनीत सिंह बब्बर, सचिव प्रीतपाल सिंह, कोषाध्यक्ष हरबंस सिंह सिद्धू और सह कोषाध्यक्ष सुरिंदर सिंह चहल मौजूद रहे।