मंगलवार रात को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन 7 विंग के रनवे पर क्रैश हुए जगुआर विमान हादसे की जांच के लिए एयरफोर्स हाईकमान के आदेशों पर एयरफोर्स चंडीगढ़ की अफसरों की एक टीम को इस बाबत जांच के लिए गठित किया गया है। ये टीम इस विमान हादसे की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट एयरफोर्स हाईकमान के जरिए मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को सौंपेगी।
हाईकमान द्वारा जांच के लिए गठित की गई चंडीगढ़ एयरफोर्स अफसरों की टीम बुधवार शाम को अंबाला एयरफोर्स परिसर में पहुंच गई। उधर, एयरफोर्स अथॉरिटी ने रनवे पर क्रैश हुए जगुआर विमान को चारों ओर से टैंट के माध्यम से कवर कर लिया।
उधर, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ से पहुंची अफसरों की टीम ने सबसे पहले रनवे पर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने आग से झुलसे जगुआर को काफी नजदीक से देखा और उस जहाज के क्रैश होने की स्थिति व दिशा का भी जायजा लिया। मौके देखने के बाद टीम ने अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी के अफसरों की बैठक एयरफोर्स परिसर में ही ली। यहां टीम ने अंबाला एयरफोर्स अथारिटी के अफसरों से इस विमान हादसे की पूरी घटना की जानकारी हासिल की। एयरफोर्स अफसरों ने टीम को बताया कि किस तरह से जगुआर यार्ड से बाहर निकाला गया और कैसे जब उसे टेकऑफ के लिए तैयार किया गया तो उसमें ब्लास्ट के साथ आग लग गई।
जांच टीम ने इसी बाबत अफसरों से भी कई सवाल पूछे। इस दौरान एयरफोर्स की टेक्निकल विंग के अफसरों से भी जांच टीम ने पूछताछ की और जांच टीम के अफसरों ने उनसे भी हस हादसे के टेक्निकल पहलुओं के बारे में जानकारी की। ये बैठक काफी देर तक चलती रही। इस बैठक में ब्लास्ट और आग की वजह से जगुआर के जरिए हुए आर्थिक नुकसान पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार ये जहाज इस हादसे में बुरी तरह से जलने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। उधर, विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है और टेक्निकल स्टाफ इसके जरिए ये जानने की कोशिश कर रहा है कि ये हादसा कैसे हुआ।
उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर को देर शाम 08:05 बजे पर जगुआर को जैसे ही अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के यार्ड से बाहर निकाला गया और रूटीन सार्टी के लिए तैयार करते हुए स्टार्ट किया गया तो तभी इंजन में ब्लास्ट के साथ आग लग गई। फायर सिग्नल मिलते ही पॉयलट तुरंत बाहर एग्जिट कर गया था जिससे उसकी जान बच गई।