जलबेड़ा के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल। संवाद
जलबेड़ा। मौसम का मिजाज शनिवार को अचानक से बदल गया। सुबह बादल होने और ठंडी हवा चलने से लोगों को हल्की सर्दी का अहसास हुआ। हालांकि कुछ देर बाद धूप भी निकल आई। दिनभर आसपास पर बादल भी रहे। बदलते मौसम ने ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
एक तरफ गेहूं और सरसों की फसलें पकने के कगार पर हैं। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर बारिश का अंदेशा जताया है। जलबेड़ा क्षेत्र के किसान रामदास, हुकुमचंद और मनजीत सिंह बताते हैं कि इस बार खेत में अगेती और पछेती का दोहरा संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि फसल अवशेषों के कारण इस बार गेहूं का फुटाव कम हुआ था। इसे ठीक करने के लिए 40 दिन बाद दोबारा बीज डालना पड़ा। इसके चलते एक ही खेत में गेहूं के दो रूप नजर आ रहे हैं। अगेती गेहूं का दाना लगभग पक चुका है और कटाई के करीब है, वहीं पछेती गेहूं अभी भी कच्ची है और इसे पानी की सख्त जरूरत है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खिचड़ ने बताया कि मौसम आमतौर पर 18 मार्च तक परिवर्तनशील है। इस दौरान दो पश्चिमीविक्षोभ आने की संभावना है। पहला पश्चिमी विक्षोभ जिसके आंशिक प्रभाव से 15 व 16 मार्च को राज्य में आंशिक बादल तथा हल्की से मध्यम गति से हवा चल सकती है। ओंकार सिंह ने कहा कि अगर अब बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, तो अगेती गेहूं जमीन पर बिछ जाएगी। संवाद