संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के उपमंडल भवन में संचालित सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी का जल्द ही आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे यहां अध्ययन करने वाले हजारों विद्यार्थियों और पाठकों को बड़ी राहत मिलेगी।
लाइब्रेरी में डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया के तहत उच्चस्तरीय तकनीकी उपकरणों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वर्तमान में लाइब्रेरी के लिए लगभग 24 लाख रुपये का सामान पहुंच चुका है, जिसमें चार आधुनिक कंप्यूटर, 35 आरामदायक कुर्सियां, छह प्रिंटर, दो एलसीडी और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, अभी और सामान आना शेष है, जिसके स्थापित होने के बाद लाइब्रेरी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।
आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना करीब 500 छात्र इस लाइब्रेरी में आकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। इसके अतिरिक्त, लाइब्रेरी से किताबें घर ले जाने वाले सदस्यों की संख्या भी काफी बड़ी है। वर्तमान में छह हजार से ज्यादा लोग इस लाइब्रेरी के सक्रिय सदस्य हैं, जो यहां से किताबें इश्यू करवाकर घर ले जाते हैं। नियमों के तहत इन सदस्यों को पढ़ने के लिए 14 दिन के लिए किताबें दी जाती हैं।
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छात्रों के लिए कंप्यूटर और फोटोकॉपी की सुविधा
इसके बाद लाइब्रेरी में छात्रों के लिए विशेष तौर पर कंप्यूटर लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से छात्र इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य विषयों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से हासिल कर सकेंगे। साथ ही पाठकों और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी परिसर में ही फोटोस्टेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण होने और नई सुविधाएं जुड़ने से विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। लाइब्रेरी में 24 लाख रुपये की ग्रांट से सामान आया है। जो सामान रह गया है, वह भी जल्द आ जाएगा। - देसराज वाजवा, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज अंबाला छावनी
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन स्थित सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी में पहुंची कुर्सियां। संवाद