अंबाला में पांच साल पहले अंबाला सेंट्रल जेल से भागने के लिए खोदी गई सुरंग के मामले में बुधवार को अदालत ने नौ आरोपियों में से चार को सुरंग खोदने व साजिश रचने का दोषी मानते हुए दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है।
पांच अन्य आरोपियों को गवाहों व सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। सजा पाए चार दोषियों में से रेलूराम पूनिया हत्याकांड में फांसी की सजा पा चुके संजीव सहित एक पाक नागरिक भी शामिल हैं। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में आई तकनीकी गड़बड़ी के चलते जेल में ही अदालत लगाई गई।
18 अक्तूबर 2008 को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर 32 में सुरंग खोदने का मामला उजागर हुआ था। प्रारंभिक जांच के बाद इस साजिश में संजीव, सोनिया, मसूद अख्तर, आनंद किंडू, राजन गौड़ व जेल वार्डन पूनम पर शक हुआ।
संजीव व सोनिया को रेलूराम हत्याकांड में जहां फांसी की सजा हो चुकी थी, वहीं जासूसी के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे मसूद अख्तर भी शामिल हैं। जेल में सुरंग खोदने के मामले में 14 आरोपी बनाए गए, जबकि 16 लोगों की गवाही हुई।
इन कैदियों को मिली सजा
जेल में सुरंग खोदने के मामले में दोषी संजीव, पाकिस्तानी जासूस मसूद अख्तर, राजन गौड़ व आनंद किंडू को दो-दो साल की सजा सुनाई है, जबकि चारों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
ये हुए बरी
सुरंग खोदने के मामले में आरोपी सोनिया, जेल वार्डन पूनम, राजकुमार, ऋषि राज व राजीव को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया गया है।