अंबाला। रेलवे की 2019 में हुई आरआरसी की लिखित परीक्षा पास करवाने के लिए अपनी जगह किसी दूसरे को बैठाने वाले आरोपी को पुलिस ने वीरवार को रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद के गांव अरमारा जाट निवासी बृज किशोर के तौर पर हुई है। रेलवे अधिकारी की शिकायत पर पड़ाव थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।
आरोपी ने रेलवे की लिखित परीक्षा पास करवाने के लिए अपनी जगह किसी दूसरे को बैठा दिया था। जब दस्तावेजों की जांच के लिए परीक्षार्थी को अंबाला रेल मंडल कार्यालय बुलाया गया तो यहां फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। परीक्षार्थी की न तो फोटो का मिलान हो पाया और न ही स्कैनर की मदद से लिए गए अंगूठे के निशान का। वहीं सख्ती से पूछने पर परीक्षार्थी ने सच उगल दिया कि उसने अपनी जगह किसी दूसरे को परीक्षा में बैठाया था और परीक्षा पास होने के बाद वह दस्तावेजों की जांच के लिए खुद ही आया था। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद के गांव अरमारा जाट निवासी बृज किशोर के तौर पर हुई है।
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2019 में हुई आरआरसी परीक्षा
मंडल कार्यालय में आरपीएफ के उप निरीक्षक सत्य प्रकाश ने शिकायत दी कि रेलवे भर्ती शाखा (आरआरसी)के अधीन ग्रुप डी 2019 की लेवल-1 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर परीक्षा हुई थी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों को अंबाला रेल मंडल कार्यालय बुलाया गया था। यह प्रक्रिया 28 फरवरी को शुरू हुई थी और दस्तावेजों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि परीक्षार्थी बृज किशोर के नाम में ही गलती है, हालांकि उसने इस गलती को छिपाने के लिए शपथ पत्र दिया था कि नाम के अक्षरों में गलती है जबकि दोनों नाम ही उसी के हैं। जब उसे मेडिकल करवाने के लिए मंडल के रेलवे अस्पताल में भेजा गया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। मेडिकल के लिए निर्धारित कार्ड पर उसका फोटो नहीं थी, जब आरोपी ने अपनी फोटो लगाई तो उसका पहले जमा करवाई गई फोटो के साथ मिलान नहीं हो पाया। वहीं जब उसके अंगूठे के निशान को स्कैनर की मदद से मिलान किया गया तो वो भी गलत मिला। इसके बाद मामले का खुलासा हो गया और आरोपी बृज किशोर ने सारी सच्चाई रेलवे अधिकारियों के समक्ष उगल दी। पड़ाव थाना के जांच अधिकारी प्रकाश चंद ने बताया कि आरोपी को वीरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि फर्जीवाड़े का खुलासा हो सके कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।