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Ambala News: पीपीपी में बदल दी जाति, कॉलेज में नहीं मिल रहा दाखिला

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अंबाला। उपमंडल भवन में सोमवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान शिविर में छह शिकायतें पहुंचीं। इन शिकायतों में से किसी का मौके पर समाधान नहीं हुआ। शिकायतों को सुनकर नायब तहसीलदार आशीष ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। फरियादियों को भी जल्द समाधान का आश्वासन मिला।
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इन शिकायतों में परिवार पहचान पत्र में 90 करोड़ की आय ठीक करवाने, पीपीपी में गलत जाति दर्ज होने से कॉलेज दाखिले में आ रही रुकावट आदि शिकायतें आईं। इसके अलावा पत्नी कई महीनों से बच्चों को स्कूल नहीं भेज रही, रजिस्ट्री के इंतकाल के लिए महीनों से काट रहे चक्कर, जमाबंदी में पिता और बुआ का नाम ठीक नहीं हो रहा और नेट मीटर में इंपोर्ट-एक्सपोर्ट उलझाकर उपभोक्ता को गलत बिल पकड़ाने जैसी शिकायतें आईं।

अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई

कैंट के बीसी बाजार निवासी छात्रा श्रुति ने बताया कि वह बीसी ए जाति से संबंध रखती हैं लेकिन फैमिली आईडी में उनकी जाति को गलती से जनरल श्रेणी दर्ज कर दिया गया है। इस गड़बड़ी के कारण उसे कॉलेज में दाखिला लेने में दिक्कत आ रही है और वह आरक्षण व अन्य लाभों से वंचित हो रही है। जाति ठीक करवाने के लिए श्रुति ने समाधान शिविर में अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई। कैंट के मोती बाग निवासी अंकित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और कल्याण को लेकर सीडब्ल्यूसी अंबाला के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनकी पत्नी कई महीनों से बच्चों को स्कूल नहीं भेज रही हैं, जिससे उनका भविष्य और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अंकित का कहना है कि वह बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार हैं, इसके बावजूद बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जा रहा। अब इस मामले में उन्होंने समाधान शिविर में शिकायत देकर जांच करने की अपील की है।
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इंतकाल के लिए काट रहे चक्कर

छावनी निवासी कृष्ण अवतार ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन की रजिस्ट्री का इंतकाल न होने पर समाधान शिविर में शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि वह पिछले 8 महीनों से इस मामले को लेकर परेशान हो रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने अपनी जमीन के इंतकाल के लिए आवेदन किया था। इसके अलावा उन्होंने 20 अप्रैल 2026 को भी एक आवेदन जमा किया था। आवेदन के बावजूद संबंधित कानूनगो ने इस मामले पर अब तक कोई उचित कदम नहीं उठाया।

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जमाबंदी में पिता व बुआ का नाम नहीं हो रहा ठीक

कैंट के कलरहेड़ी निवासी महिंद्र सिंह ने बताया कि जमाबंदी में 2022-2023 में उनके पिता गुरदयाल सिंह की जगह दयाल सिंह लिखा गया है। जबकि पिता का सही नाम गुरदयाल सिंह है। इसकी तरह से उनकी बुआ का नाम जमाबंदी में महताब कौर की जगह साहब कौर लिखा हुआ है जो गलत है वहीं पुराने रिकार्ड में नाम ठीक है।

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उपभोक्ता को थमाया गलत बिल

यूएचबीवीएन सब डिवीजन केसरी के उपभोक्ता नरेश कुमार ने 19 जुलाई 2025 को अपने घर पर सोलर नेट मीटर लगवाया था। उनका बिल बिजली लेने और ग्रिड को देने की रीडिंग के अंतर पर बनना चाहिए था। नरेश का आरोप है कि बिल इंचार्ज विकास ने लापरवाही कर इम्पोर्ट को एक्सपोर्ट और एक्सपोर्ट को इम्पोर्ट मान लिया और इसी आधार पर गलत बिल थमा दिया। शिकायतकर्ता की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग और रीडिंग के प्रमाण देने पर एसडीओ ने भी विभाग की गलती स्वीकार की लेकिन बिल में सुधार नहीं हुआ। परेशान होकर उपभोक्ता ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थीा।
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