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मंडल के 3 स्टेशनों पर 500 नामजद,किसानों की बढ़ी दिक्कतें,

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रेलवे ट्रैक बाधित करने पर मंडल के 3 रेलवे स्टेशनों पर 500 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत खिलाफ ये कार्रवाई की। जल्द ही वीडियोग्राफी के आधार पर किसानों की धरपकड़ की जाएगी।
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किसान आंदोलन के तहत वीरवार सैकड़ों किसानों ने अंबाला-दिल्ली मुख्य रेल लाइन पर शाहपुर फाटक पर धरना प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक चला, लेकिन किसान 10 बजे ही धरना स्थल पर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। ऐसे ही प्रदर्शन सहारनपुर और राजपुरा में भी रेलवे ट्रैक पर हुए। रेल ट्रैक बाधित होने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें भी बीच रास्ते घंटों खड़ी रहीं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए और बिना परमिशन के रेलवे ट्रैक बाधित करने पर आरपीएफ ने शुक्रवार मामला दर्ज किया है। रेलवे एक्ट 147/174 के तहत कार्रवाई की गई है। यह धारा रेलवे ट्रैक बाधित कर ट्रेन परिचालन रोकने और बिना परमिशन रेलवे की जगह पर घुसने को लेकर लगाई है। यह धारा जमानती है, लेकिन इसमें 2 साल की जेल भी हो सकती है, यह सब कोर्ट की कार्रवाई पर निर्भर है।
यहां दर्ज हुए मामले
पहला मामला अंबाला छावनी आरपीएफ पोस्ट पर दर्ज किया गया है। इसमें धरना स्थल पर मौजूद नेताओं सहित 150 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। सहारनपुर में भी 150 लोगों और राजपुरा में लगभग 200 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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यह ट्रेनें हुई थी प्रभावित
आरपीएफ की ओर से दर्ज केसों में इस बात का भी जिक्र है कि रेल रोको आंदोलन के कारण अंबाला छावनी जंक्शन पर ट्रेन नंबर 04673 सरयु-यमुना जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस सुबह 11.58 बजे से शाम 5.52 तक खड़ी रही और यात्री परेशान होते रहे। इसी प्रकार सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 02407 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर सुबह 11.50 से शाम 5 बजे तक खड़ी रही, वहीं सरहिंद में भी ट्रेन नंबर 08215 दुर्ग-जम्मूतवी दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक खड़ी रही।
यहां हुआ था आंदोलन
3 कृषि कानूनों के खिलाफ रोष जाहिर करने के लिए किसान संगठनों ने इस बार अंबाला मंडल के शाहरपुर फाटक नंबर 102 सी का चयन किया था। इससे पहले जो भी धरना प्रदर्शन हुए वो दिल्ली मंडल के अधीन मोहड़ा रेलवे फाटक पर होते थे। हालांकि शाहपुर फाटक के नजदीक रेलवे लाइन पर बैठे सैकड़ों किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से ही प्रदर्शन किया था और इस दौरान फाटक से वाहनों व आमजन की आवाजाही भी सुचारु ढंग से हुई थी। 12 बजे धरना शुरू करने के बाद किसानों ने ठीक 4 बजे धरना खत्म कर रेलवे ट्रैक खाली कर दिया था। इसके बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर अंबाला-दिल्ली, अंबाला-सहारनपुर, अंबाला-लुधियाना व अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन पर टेस्टिंग इंजन चलाने के बाद ही ट्रेनों को गंतव्य की तरफ रवाना किया था।
वर्जन
मेरे पास अंबाला मंडल का अतिरिक्त चार्ज है। रेल ट्रेक बाधोित करने पर मंडल की पोस्ट पर अज्ञात के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। बाकि जानकारी स्थानीय अधिकारी ही बता सकते हैं।
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आरके त्रिपाठी, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, फिरोजपुर मंडल।
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