संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। कष्ट निवारण समिति की बैठक से एक दिन पहले आखिरकार पुलिस ने गुरु नानक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के नौ ट्रस्टियों पर 11.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो महीनों से कष्ट निवारण समिति की बैठक में ओम वेलफेयर सोसाइटी से पीड़ित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पिछले महीने समिति के अध्यक्ष लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए थे। अब जब वीरवार को समिति की दोबारा से बैठक होनी है तो पुलिस ने एक दिन पहले ही ट्रस्ट के पदाधिकारी त्रिलोचन सिंह, कमलजीत कौर, हरजिंदर सिंह, कमलजीत कौर, इशमिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, राम कुमार, अनू जिंदल व विपिन कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी है।
यह था मामला : शिकायतकर्ता हिसार की ओम वेलफेयर सोसाइटी के प्रेसीडेंट डॉ. पुनीत गोयल ने आरोप लगाया था कि गुरु नानक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 6 ट्रस्टियों ने 1 अप्रैल 2022 को उनके साथ किए गए एमओयू के तहत उनकी जमीन और देनदारियां लेने के बहाने धोखाधड़ी और बेईमानी की।
आरोप है कि ट्रस्टियों ने 11 करोड़ 50 लाख रुपये का गबन किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी, षड्यंत्र रचकर, 7 से 9 लोगों के साथ मिलकर नए सदस्यों को शामिल करके बातचीत में संशोधन करते रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को सूचित किए बिना ही अपनी संपत्ति तीसरे पक्ष को हस्तांतरित कर दी।