अंबाला। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे स्थित डंगडेहरी गांव में चार कनाल चार मरले जमीन को व्यावसायिक बताकर जग्गी परिवार से 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने दो आरोपियों सुखविंद्र सिंह व उसके बेटे मनिंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके लिए तहसील भी जाएगी।
थाना बलदेव नगर पुलिस को दी शिकायत में चंडीगढ़ के सेक्टर 7 निवासी गुरजोत कौर ने बताया कि दिसंबर 2022 में सुखविंर सिंह ने उसके भाई सरबजोत सिंह को बताया कि उसकी डंगडेहरी गांव के रेवन्यू एरिया में 4 कनाल 4 मरले व्यावसायिक जमीन है। उसे वह जमीन बेचनी है, क्योंकि उसे अपने फर्नीचर के कारोबार के लिए धन की आवश्यकता है। सुखविंद्र सिंह व उसके बेटे मनिंद्र सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य की अनुमति, एनओसी व अन्य जरूरी कागजात के लिए अप्लाई किया हुआ है। उन्होंने 15 लाख रुपये का चेक पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से व 35 लाख नकद सुखविंद्र सिंह व मनिंद्र सिंह को दे दिए।
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक अनुबंध हो गया। बैंक में तकनीकी कारणों से वह चेक बाउंस हो गया। इस पर उसने 15 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये दिए। रुपये लेने के बाद सुखविंद्र सिंह ने बताया कि उसका बेटा मनिंद्र सिंह बाहर गया हुआ है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी पिता-पुत्र से उक्त जमीन की निर्माण से संबंधित एनओसी की मांग की तो वह बहाने बनाने लगे।
पीड़ित ने जब डीटीपी अंबाला के पास उक्त जमीन की एनओसी संबंधित जानकारी हासिल की तो पता चला कि ऐसा कोई आवेदन उनके कार्यालय में नहीं दिया गया है। इस तरह आरोपियों ने झूठे व गलत तथ्य बताकर जमीन के व्यावसायिक होने की बात कहते हुए 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। वहीं 19 जून 2023 को डीटीपी अंबाला द्वारा पीड़ित को बताया कि जमीन नगर निगम के नियंत्रण क्षेत्र में आती है। इस पर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह भूमि अंबाला चंडीगढ़ के एक्सप्रेस वे के 60 मीटर के दायरे में आती है।