उल्लेखनीय है कि बीती 29 दिसंबर की रात को शहर के हुसैनी रोड पर स्थित कपड़े की दुकान में चोरी हुई थी। पुलिस इस मामले में आरोपियों की तलाश में जुटी थी कि पता चला कि पंचकूला में हुई बड़ी एक वारदात के कुछ आरोपी पुलिस की पकड़ में हैं। इन आरोपियों ने नारायणगढ़ में हुई उक्त चोरी की बात भी कबूल ली है। इसी आधार पर सीआईए ग्रामीण ने दीपक व जोगिंद्र निवासी भिवानी और शुभम व राजिंद्र निवासी हिसार को पंचकूला से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जब पूछताछ की तो मामले की सारी परतें खुलती चली गई। जांच अधिकारी प्रवेश कुमार के अनुसार राजिंद्र निवासी गांव मंगलपुर हिसार क्षेत्र के एक निजी शिक्षण संस्थान का छात्र है, जबकि अन्य तीनों आरोपी इसी के साथ पिछले करीब दो महीने से पीजी में रह रहे थे। इस दौरान इन्होंने हुसैनी रोड पर स्थित रेडिमेट गारमैंटस की दुकान की रेकी की और 29 दिसंबर की रात को चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया था। यह आरोपी डकैती, चोरी, लूट और फिरौती के मामलों में यह कई महीनों से फरार चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ है कि आरोपी जोगिंद्र और दीपक ने कुछ दिनों पहले ही भिवानी के एक व्यापारी से दो लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी। इस वारदात को आरोपियों ने रिमांड के दौरान कबूल किया है।
उधर, सिरसा पुलिस के सब इंस्पेक्टर बलराज सिंह ने बताया कि 29 नवंबर 2015 यह आरोपी एक लाल रंग की गाड़ी को पिस्तौल दिखाकर लूट कर फरार हो गए थे। पंचकूला पुलिस ने गाड़ी सहित इन चारों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि जिस गाड़ी में सवार होकर वारदात को अंजाम दिया गया था वह भी गुड़गांव से लुटी गई थी। बलराज सिंह के मुताबिक इसी संदर्भ में उन्होंने इन चारों को दोबारा से प्रोडक्शन वारंट पर लिया है।