रेल भूमि विकास प्राधिकारण (आरएलडीए) ने अंबाला कैंट स्टेशन का नक्शा नए सिरे से तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस पर खर्च होने वाली राशि का लेखा-जोखा भी तैयार कर लिया है।
अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक मंदीप सिंह भाटिया ने बताया कि लगभग 277.80 करोड़ की लागत से अंबाला कैंट स्टेशन को नए सिरे से तैयार किया जाएगा जोकि सुरक्षा के हिसाब से काफी अव्वल होगा और यहां आवागमन के लिए अलग-अलग आवागमन द्वार बनेंगे। इसमें वाहनों के लिए अलग और यात्रियों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
वहीं, पार्किंग के लिए भी मॉल की तर्ज पर आलीशान इमारत का निर्माण किया जाएगा। जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। यहां 12 मीटर के फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। वहीं एयरफोर्स स्टेशन व रफाल की सुरक्षा को देखते हुए नए स्टेशन पर बनने वाली इमारत की ऊंचाई समुद्र तल से मात्र 23 मीटर ऊपर होगी जबकि मौजूदा समय में यह ऊंचाई 272.53 मीटर है जो नई इमारत के बनने के बाद 295.53 मीटर हो जाएगी।
रेलमंत्री ने खारिज की थी रिपोर्ट
कुछ माह पहले आरएलडीए की ओर से तैयार की अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से संबंधित रिपोर्ट को रेल मंत्री ने खारिज कर दिया था क्योंकि यह रिपोर्ट बिना अंबाला मंडल के अधिकारियों को संज्ञान में लिए तैयार की गई थी और इसमें काफी खामियां थीं। इसके बाद रेल मंत्री ने आरएलडीए को नए सिरे से नक्शा व अनुमानित लागत तैयार करने के लिए निर्देश दिए थे और कहा था कि अंबाला मंडल के साथ तालमेल बिठाकर नई रिपोर्ट तैयार की जाए। गौरतलब है कि पहली रिपोर्ट के आधार पर स्टेशन निर्माण के लिए 400 करोड़ खर्च होने थे।
1700 स्पेशल ट्रेनें चलीं
दीपावली और छठ पर्व को लेकर इस बार रेलवे ने 1700 ट्रेनों का संचालन किया है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से पहले चल रही ट्रेनों के संचालन भी कुछ असर पड़ जाता है। इसी कड़ी में अंबाला मंडल से 17 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए हैं।
शिमला स्टेशन का होगा जीर्णेाद्वार
अमृत भारत स्टेशन के तहत जल्द ही शिमला रेलवे स्टेशन का भी जीर्णोद्धार होगा। इस पर आगामी कार्रवाई शुरु हो गई है। गौरतलब है कि इससे पहले अंबाला मंडल के 15 स्टेशनों के 383.32 करोड़ की लागत से कायाकल्प का कार्य जोरों-शोरों से जारी है। इसमें अंबाला सिटी, सहारनपुर, यमुनानगर-जगाधरी, सरहिंद, कालका, मोहाली, रुपनगर, आनंदपुर साहिब, नंगलडैम, अंब अंदौरा, पटियाला, धूरी, अबोहर, मलेरकोटला और संगरूर रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
धुंध से निपटने की तैयारी
धुंध से निपटने के लिए रेलवे ने पहले ही तैयारी पूरी कर ली है। ट्रेन के चालकों को फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि ट्रेनों का सुरक्षित संचालन हो सके। वहीं रेलवे ट्रैक, पर पेट्रोलिंग, पटरियों का निरीक्षण सहित अन्य सभी कार्य जारी हैं।
रेलवे ने दिया तीन लाख का पुरस्कार
बारिश और बाढ़ के कारण काफी समय तक बाधित रहे विश्व धरोहर रेल सेक्शन कालका-शिमला के सही समय पर तैयार होने और ट्रेनों के दोबारा से संचालित होने पर अंबाला मंडल को एक लाख का पुरस्कार दिया गया जोकि 220 कर्मचारियों में बांट दिया गया है। इसी प्रकार दो लाख दो अलग-अलग विभागों को तालमेल से कार्य को निपटाने के लिए दिए हैं।