अंबाला। राजस्थान के बागड़ स्थित गोगा माड़ी पर माथा टेककर नए साल की शुरुआत करने वाले कार सवार परिवार को नगला पुल के पास कैंटर ने चपेट में ले लिया। बताया जाता है कि हादसे के समय घना कोहरा था।
ग्रामीणों ने बताया कि नगला पुल पर पहले काम चल रहा था और कुछ दिन पहले ही एक तरफ का बंद रास्ता खुला था। हादसे का कारण इसे भी बताया जा रहा है। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार चालक गुरदीप की मौत हो गई और बबीता, हरमन और ललित कुमार घायल हो गए।
सुबह दो बजे बीहटा के लिए चले थे
थाना साहा पुलिस को दी शिकायत में गांव बीहटा निवासी ललित कुमार ने बताया कि वह 31 दिसंबर की सुबह गांव बीहटा निवासी अपने चचेरे भाई गुरदीप सिंह, भाभी बबीता और भतीजी हरमन के साथ अपनी आल्टो कार में राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ स्थित और गोगा माड़ी बागड़ गए थे। माथा टेकने के बाद वह चारों कार में सवार होकर नववर्ष की सुबह करीब दो बजे अपने घर के लिए चल दिए। कार उसका चचेरा भाई गुरदीप सिंह चला रहा था और वह उसके साथ वाली कंडक्टर सीट पर बैठा था। करीब आठ बजे वह शाहाबाद से अपने गांव बीहटा जाने के लिए साहा की तरफ आ रहे थे। जैसे ही उनकी कार नगला पुल के पास पहुंची। उसी समय एक तेज रफ्तार कैंटर आया और उनकी गाड़ी में टक्कर दे मारी। टक्कर लगने के बाद वह चारों बुरी तरह से घायल हो गए। देखते ही देखते मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।
कैंटर छोड़ फरार हो गया चालक
हादसे के बाद चालक मौके पर कैंटर को छोड़कर फरार हो गया। इसके तुरंत बाद राहगीरों ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल बबीता और हरमन को एंबुलेंस की मदद से छावनी के नागरिक अस्पताल भेज दिया। वहीं, घायल ललित कुमार व गुरदीप को पुलिस ने एमएमयू अस्पताल मुलाना में पहुंचाया। जहां पर डाक्टर ने गुरदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया और ललित का उपचार शुरू कर दिया।