अंबाला। तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट का शौक लोगों को जबड़े, होंठ, जीभ के कैंसर की ओर से धकेल रहा है। अटल कैंसर केयर केंद्र में शुक्रवार को होंठ के कैंसर का सफल ऑपरेशन हुआ।
अनदेखी में छावनी निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति का कैंसर ऊपरी होंठ से लेकर जबड़े तक फैल गया था। पहले तो व्यक्ति एक साल से निजी केंद्रों के चक्कर काट रहा था, लेकिन अत्यधिक खर्च और बड़ा ऑपरेशन होने के कारण टाला जा रहा था। छावनी नागरिक अस्पताल में आने पर ओंको सर्जरी डॉ. अनुज ने उपचार शुरू किया और डॉक्टर अनु और अपनी टीम संग मिलकर करीब सात घंटे तक लगातार ऑपरेशन कर मरीज की नया जीवनदान दिया।
पहले तो होंठ और जबड़े के कुछ हिस्से को काटकर कैंसर और उसकी जड़ों को निकाला। उसके बाद व्यक्ति का नया होंठ भी तैयार किया, जिससे कि वह पहले ही तरह दिख सके और अपने कामों को नियमित तौर पर कर सके। ऑपरेशन के बाद मरीजों को अस्पताल में ही निगरानी में रखा गया है।
ये हैं होंठ कैंसर के लक्षण
-होंठों पर घाव, गांठ, छाला या अल्सर जो कि आसानी से दूर नहीं होता।
-उपरोक्त में से खून बहते रहना।
होंठ में दर्द रहना।
-जबड़े में सूजन आना।
ये हैं होंठ कैंसर के कारण
- तंबाकू इस्तेमाल। (इसमें सिगरेट, सिगार और तंबाकू चबाना शामिल है)
- भारी मात्रा में शराब का सेवन
- अत्यधिक धूप में निकलना
- गोरी त्वचा होना।
- 40 वर्ष से अधिक आयु का होना।
- एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस वायरस) होना।
वर्जन
तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट के सेवन से बचना चाहिए और कोई भी जख्म या गांठ होती है तो उसकी समय पर जांच करानी चाहिए, जिससे कि बीमारी को शुरुआती चरण में ही पकड़कर ठीक किया जा सके। शुरुआती चरण में बिना ऑपरेशन के भी उपचार संभव है।
डॉ. अनुज, ओंको सर्जन, अटल कैंसर केयर केंद्र
अटल कैंसर केयर केंद्र में होंठ के कैंसर का ऑप्रेशन होने के बाद दाखिल मरीज