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अहोई अष्टमी व्रत विधिपूर्वक करने से हो सकती है विशेष फल की प्राप्ति

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अहोई अष्टमी व्रत कार्तिक मास कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को किया जाता है। अहोई अष्टमी को दांपत्य अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। साधारणतया यह व्रत करवा चौथ के चौथे दिन और दीपावली से आठ दिन पहले आता है। जिस दिन अहोई अष्टमी होती का पूजन किया जाता है। उसके आठ दिनों बाद दीपावली पर्व मनाया जाता है। अहोई अष्टमी व्रत विधिपूर्वक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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इस संबंध में अंबाला सिटी के पंडित रोहित शास्त्री ने बताया कि इस दिन संतानवती माताओं को अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य व उज्जवल भविष्य की कामना के लिए निर्जल रहकर उपवास रखना चाहिए। अहोई अष्टमी के व्रत वाले दिन सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करके निर्जल व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
शास्त्रोक्त विधि के अनुसार 17 अक्तूबर को ही अहोई अष्टमी व्रत संपूर्ण करना ही शुभ रहेगा। अहोई अष्टमी पर विशेष पूजा के साथ संपूर्ण कथा का पाठ करने से जीवन में संतान सुख की प्राप्ति होती है। अहोई अष्टमी व्रत पर सर्वाथ सिद्धि योग में पड़ रहा है। सोमवार का दिन अष्टमी तिथि यह दोनों चीजें इस व्रत को खास बना रही हैं।
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-पंडित रोहित शास्त्री, गुरू बागशाही बाग गुरूद्वारा कॉलोनी, अंबाला सिटी।
अहोई अष्टमी पूजन का विशेष मुहूर्त 17 को शाम पांच बजकर 50 मिनट से शाम सात बजकर पांच मिनट तक रहेगा। गोवर्धन राधा कुंड स्नान सोमवार को रहेगा, वहीं 17 को तारों को देखने का शुभ समय छह बजकर 13 मिनट रहेगा। यदि सभी कार्य शुभ मुहूर्त पर किए जाएं तो, निसंतान को संतान की प्राप्ति का फल मिलेगा।
पंडित अश्वनी परासर, बलदेव नगर अंबाला सिटी।
दीवार पर अहोई माता की तस्वीर बनाएं। रोली, चावल व दूध से पूजन करने पश्चात कलश में जल भरकर माताएं अहोई अष्टमी कथा का श्रवण कर सकती हैं। रात में तारे को अर्घ्य देकर संतान की लंबी उम्र व सुखदायी जीवन की कामना करने के बाद ही अन्न ग्रहण कर सकती हैं। इस व्रत में सास या घर की किसी बुजुर्ग महिला को भी उपहार के तौर पर कपड़े आदि भेंट कर सकते हैं।
पंडित संजीव मोदगिल, सोनिया कॉलोनी अंबाला सिटी।
शुक्र देव 18 अक्तूबर को राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस दिन शुक्र देव तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ग्रहों के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। शुक्र के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशियों के अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। शुक्र के राशि परिवर्तन होने से मिथुन राशि में नौकरी में तरक्की मिलने, वाहन की खरीदारी, आर्थिक स्थिति में सुधार, दांपत्य जीवन सुखमय आदि के योग बनेंगे।
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पंडित कन्हैया लाल, ज्योतिषी, सेक्टर-9, अंबाला सिटी
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