अंबाला छावनी के श्री बांके बिहारी मंदिर में भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता
- फोटो : samvad
- बांके बिहारी मंदिर के वार्षिकोत्सव में भक्तों ने सुनी भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। श्री बांके बिहारी मंदिर में आयोजित 52वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन कथा व्यास शशांक भारद्वाज ने मंगलाचरण के माध्यम से कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बुद्धि तो सबके पास है लेकिन भगवान की प्राप्ति के लिए प्रार्थना, भजन और माला जप अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि भौतिक सुखों का बढ़ना भगवान की दया है लेकिन जब परमात्मा भक्त को आत्मरस प्रदान करते हैं तो वह कृपा कहलाती है। उन्होंने जोर दिया कि जिनके पास अहंकार अधिक होता है, समाज में उनकी कोई अहमियत नहीं होती। ईश्वर की शरण में जाने के लिए व्यक्ति को झुकना आना चाहिए।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान लागी लगन गुरु चरण की और भजमन नारायण जैसे भजनों के माध्यम से पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया गया। महाराज ने बताया कि सुख बाहर की वस्तु है जबकि आनंद भीतर की, जिसे केवल प्रभु की शरण में रहकर ही अनुभव किया जा सकता है। सभा प्रधान दिनेश बहल ने बताया कि आरती में मुख्य रूप से परीक्षित अरुण गुप्ता परिवार और यजमान अमित मेहंदीरत्ता परिवार शामिल रहे। प्रसाद की व्यवस्था हरमिलाप प्रेम मंदिर, खन्ना ज्वैलर्स एवं श्याम आनंद परिवार के सहयोग से की गई। इस मौके पर त्रिलोक सिंह, कविता, शशि जौहर, नीलम, श्वेता, नितिन शर्मा, पुनीत वर्मा और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।