अंबाला। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में पैनिक बटन की सुविधा अनिवार्य की गई है। अंबाला डिपो की बसों में यह सुविधा मिली-जुली है। जहां नई इलेक्ट्रिक बसों में यह सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है, वहीं रोडवेज की कई सामान्य और वातानुकूलित बसों में पैनिक बटन केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि अधिकतर महिलाओं को बसों में लगे पैनिक बटन के बारे में जानकारी ही नही हैं। वहीं, जिन्हें जानकारी है और जो बटन दबाती हैं तो न तो इनसे आवाज निकलती है और न ही कोई लाइट जलती है। ऐसे में रोडवेज द्वारा किए जा रहे महिलाओं की सुरक्षा के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
बसों में तकनीकी खामियां : रोडवेज की 20 वातानुकूलित और कई बीएस-6 मानक वाली बसों में पैनिक बटन लगे हैं जोकि शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे यात्रियों को यह पता नहीं चल पाता कि बटन काम कर रहा है या नहीं। डिपो की कुल 198 बसों में से कई पुरानी बसों में यह बटन तो लगे ही नहीं हैं। इसके अलावा यात्रियों में भी इस सुविधा के प्रति जागरूकता कम ही नजर आ रही है जबकि रोडवेज का दावा है कि वो महिला यात्रियों को इसकी जानकारी लगातार दे रहे हैं, लेकिन हकीकत में न तो बस अड्डों पर इसकी घोषणा सुनाई देती है और न ही बस के चालक व परिचालक इसकी जानकारी देते हैं।