साहा-शाहबाद मार्ग पर नगला पुल के पास सड़क दुर्घटना में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि उनके तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा गांव घसीटपुर के पास शनिवार दोपहर को हुआ।
साहा पुलिस ने मौके पर पंहुच कर मृतकों को अंबाला छावनी के सिविल अस्ताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि बच्चों की हालत गंभीर को देखते हुए अंबाला छावनी और पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र के जितेंद्र सैनी (40) अपनी बहन परमजीत कौर (45) व अपने बच्चों आर्य (6) व मुस्कान (12) और परमजीत सैनी की बेटी कोमल (14) के साथ कुरुक्षेत्र से आल्टो कार में बरवाला किसी शादी में आ रहे थे।
जैसे ही उनकी कार नगला ओवरब्रिज पार कर गांव घसीटपुर मोड़ के पास पंहुची तो सामने से आ रही एक महिंद्रा पिकअप के साथ टकरा गई। भिड़ंत इतनी भयावह थी कि दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
जितेंद्र और परमजीत कौर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आर्य और मुस्कान गंभीर रूप से घायल हो गए। कोमल को भी दुर्घटना में काफी चोटें आई हैं। साहा पुलिस को जैसे ही इस दुर्घटना का पता चला तो तत्काल पुलिस मौके पर पंहुच गई।
पुलिस टीम सभी को अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में ले आई। जितेंद्र और परमजीत सैनी के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए थे, जबकि गंभीर रूप से घायल आर्य और मुस्कान को पीजीआई रेफर कर दिया गया था।
कोमल अंबाला अस्पताल में भर्ती थी। जांच अचिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि पिकअप चालक घटना के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
दर्द भरी आंखों से निहारती रही, बोली नहीं
अंबाला कैंट। अपने पति जितेंद्र और बच्चों के साथ बरवाला शादी के लिए निकली थी मीना। बच्चों को भी नए कपड़े पहनाए थे और पूरी उत्साह के साथ पति और बच्चों संग बरवाला अपने रिश्तेदार की शादी के लिए निकली थी, लेकिन साहा-शाहबाद रोड पर जो हादसा हुआ, उसने न केवल सुहाग छीन लिया, पब्लिक उसके दोनों बच्चे भी जिंदगी और मौत से पीजीआई में लड़ रही है।
यह महिला यहां सिविल अस्पताल में इस बात से बेखबर कि हादसे में उसके पति की मौत हो चुकी है और दोनों बच्चे पीजीआई में हैं, बदहवास घंटों बैठी रही। सदमा इतना ज्यादा था कि उसकी आंखें भी पथरा गईं और आंसू की एक बूंद नहीं झलक रही थी।
उसके हालत देखकर अन्य परिजन अंदर ही अंदर सिसक रहे थे, मगर मीना अपनी दर्द भरी आंखों से घंटों लोगों को निहारती रही, मगर कुछ बोली नहीं। बड़ी मुश्किल से परिजन उसे अपने साथ ले गए। मीना अलग कार में बरवाला जा रही थी।
ज्ञान ने खो दिए बेटा-बेटी
बचपन से पाल पोसकर बढ़ा किया, शादियां कीं। हादसे के शिकार भाई-बहन के पिता ज्ञान को क्या पता था कि एक हादसा उसके इकलौते बेटे और बेटी की जिंदगी लील लेगा।
उधर, ज्ञान के पोता और पोती भी पीजीआई में गंभीर हालत में भरती हैं। पूरा परिवार बिखर गया है और पुत्रवधू का सदमा ज्ञान को अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। लोग परिवार को ढांढस देने की कोशिश कर रहे थे।