सैयरा चक में ब्रह्मज्ञान गोष्ठी एवं रूहानी सत्संग में मौजूद श्रद्धालु व स्वामी ज्ञाननाथ। प्रवक्
अंबाला। सैयरा चक में ब्रह्मज्ञान गोष्ठी एवं रूहानी सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग महात्मा सुधीर शर्मा एवं ज्ञान ज्योति ललिता की ओर से आयोजित किया गया। इसमें महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह संसार अनित्य और माया जनित है, जहां मन ही सुख-दुख का मूल कारण है। उन्होंने अस्ति और नास्ति भावों की व्याख्या करते हुए बताया कि अस्ति भाव से जीवन निखरता है और देव-दृष्टि प्राप्त होती है, जबकि नास्ति भाव पतन का कारण बनता है। स्वामी ने कहा कि ज्ञान केवल निज स्वरूप आत्मा का होता है, शेष सब मात्र जानकारियां हैं। ब्रह्मज्ञान का अभ्यास ही मनुष्य को कर्ता-भोक्ता के भाव से मुक्त कर जीवन को उत्सव बनाता है। कार्यक्रम का संचालन महात्मा बालेश्वर ने किया। इस अवसर पर महात्मा एम लाल, अतुल, विद्या राम सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में जिज्ञासुओं को ज्ञान दीक्षा दी गई और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। संवाद