संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा में रविवार को संस्था के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57 वां स्मृति दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्हें विश्व परिवर्तन का अग्रदूत बताया।
सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी बीके हरदीप दीदी ने कहा कि 1936 में एक हीरा व्यापारी से आध्यात्मिक क्रांति के नायक बने दादा लेखराज (ब्रह्मा बाबा) का जीवन त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति था। उन्होंने बताया कि निराकार परमात्मा शिव ने उनके माध्यम से कलयुगी समाज में मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना का कार्य शुरू किया, जो आज भी निरंतर जारी है।