कैंट के बीडी फ्लोर मिल के पीछे निशात बाग में स्थित एक ग्लास के साइंस उपकरण बनाने वाली फैक्टरी में मंगलवार दोपहर को बोरोसील ग्लास कंपनी की मुंबई से आई टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापामारी की।
टीम के सदस्यों ने अपने निरीक्षण में फैक्टरी से अधिक मात्रा में कंपनी के बने डुप्लीकेट ग्लास से तैयार हो रहे साइंस उपकरण बरामद किए। इसके आधार पर पुलिस ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ कॉपी राइट एक्ट व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार बीडी फ्लोर के पीछे निशात बाग स्थित एक फैक्टरी में काफी समय से बोरोसील ग्लास के नाम पर नकली ग्लास से साइंस के उपकरण बनाए जा रहे थे।
इसकी शिकायत बोरोसील कंपनी को लगातार मिल रही थी। इसी शिकायत के आधार पर कंपनी के प्रतिनिधि किशोर साहनी, क्वालिटी एक्सपर्ट गीतेश और एजेंसी के इन्वेस्टीगेटर ने फैक्टरी पर छापा मारा।
छापामारी के दौरान यहां ग्लास से तैयार होने वाले साइंस उपकरणों पर बोरोसील कंपनी का छापा लगाया जा रहा था। बोरोसील के नाम के छापे के बाद बोरोसील का हॉलमार्क भी लगाया जाता था।
इस छापामारी में पुलिस व कंपनी की टीम ने बोरोसील छापे की स्क्रीन, हालमार्क और वहां मौजूद नकली माल भी बरामद कर लिया है।
उधर, कंपनी ने इस मामले में मंगलवार शाम को बोरोसील का नकली माल बनाने वाले फैक्टरी संचालक को भी हिरासत में ले लिया है।
बोरोसील कंपनी के संचालक किशोर साहनी ने बताया कि अंबाला में नकली बोरोसील का माल बनाने की शिकायत लगातार मिल रहे थे, जिस पर कंपनी नजर बनाए हुए थे और वे इसे रंगे हाथों पकड़ना चाहती थी।
इस छापेमारी में उन्होंने पुलिस के साथ इस खेल को रंगे हाथों पकड़ लिया है। उधर, महेश नगर पुलिस के अनुसार फैक्टरी मालिक के विरुद्धकेस दर्ज किया जा रहा है। सारा माल, हालमार्क और स्क्रीन कब्जे में ले लिया है।