डॉक्टरों के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, मासूम निरवैर की मौत उसे अस्पताल लाए जाने से करीब 12 घंटे या उससे भी अधिक समय पहले ही हो चुकी थी। यानी रेस्क्यू कर बाहर निकालने से काफी पहले ही बच्चा जिंदगी की जंग हार चुका था।
अंबाला में बोरवेल में गिरे साढ़े तीन वर्षीय मासूम निरवैर की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल में फोरेंसिक डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में साफ हुआ है कि मासूम की जान सिर्फ एक वजह से नहीं, बल्कि गंभीर चोटों और दम घुटने के संयुक्त प्रभाव के कारण गई थी।
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डॉक्टरों के बोर्ड ने सौंपी रिपोर्ट: फेफड़ों में मिला पानी
मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ. सुमित खुखरेजा ने बताया कि डॉ. शैलजा के साथ मिलकर बच्चे के शव का गहन पोस्टमॉर्टम किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बोरवेल में गिरने के दौरान मासूम के सिर, छाती और दोनों टखनों पर बेहद गंभीर और गहरे घाव आए थे। इसके साथ ही, डॉक्टरों को बच्चे के फेफड़ों में पानी में डूबने के स्पष्ट लक्षण मिले हैं।
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अस्पताल लाने से 12 घंटे पहले तोड़ा था दम
डॉक्टरों के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, मासूम निरवैर की मौत उसे अस्पताल लाए जाने से करीब 12 घंटे या उससे भी अधिक समय पहले ही हो चुकी थी। यानी रेस्क्यू कर बाहर निकालने से काफी पहले ही बच्चा जिंदगी की जंग हार चुका था।
लापरवाही पर एक्शन: खेत मालिक सहित 3 नामजद
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन भी सख्त रुख अपना रहा है। बोरवेल को खुला छोड़कर इतनी बड़ी लापरवाही बरतने के आरोप में साहा पुलिस ने जमीन के मालिक हरनेक सिंह सहित खेत को ठेके पर लेने वाले दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।