संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। ब्लैक फंगस का दूसरा मामला मुलाना में सामने आया है। गांव जमालमाजरा के 57 वर्षीय व्यक्ति अशोक कुमार को ब्लैक फंगस ने अपने चंगुल में जकड़ लिया है। इससे पहले मुलाना की रहने वाली 54 वर्षीय महिला को ब्लैक फंगस ने अपनी चपेट में ले लिया था। अशोक कुमार को ब्लैक फंगस होने की पुष्टि शनिवार दोपहर को हुई।
जमालमाजरा के सरपंच मोहित शर्मा ने बताया कि अशोक कुमार शुगर के मरीज है। 5 मई को उनको बुखार हुआ था। दवा गांव से ही ली थी। बुखार तेज हुआ तो शुगर की दवा लेनी छोड़ दी। इससे शुगर बढ़ हो गई। इस बीच टेस्ट कराने पर वह 11 मई को कोविड पॉजिटिव पाए गए। मोहित के अनुसार वह पहले एमएम अस्पताल कोविड सेंटर फिर बराड़ा सीएचसी में दाखिल रहे। कोविड के लक्षण खत्म होता देख उन्हें होम आइसोलेशन के लिए भेज दिया गया।
इसी बीच उन्हें आंख में दर्द होने लगा व उनकी आंख पूरी तरह से बंद होने लगी। इसके बाद वह 20 मई को फिर से एमएम अस्पताल पंहुचे। वहां 21 मई को उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। इसके बाद उनका ब्लैक फंगस के टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट से शनिवार दोपहर को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। एमएम मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. अमित मित्तल ने बताया कि जमालमाजरा के अशोक कुमार की रिपोर्ट में ब्लैक फंगस पाया गया है। उनकी आंख पर सूजन भी है। उपचार के लिए आगामी टेस्ट किए जा रहे हैं।
इलाज के लिए नहीं मिला इंजेक्शन
ग्राम सरपंच मोहित शर्मा के अनुसार डाक्टरों ने अशोक कुमार के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन मंगवाएं, जो कहीं नहीं मिले। उन्होंने इंजेक्शन बारे कई जगह पता किया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। हालांकि एमएम अस्पताल से उन्हें 4 इंजेक्शन मिलने का आश्वासन मिला है।
एमएम अस्पताल में दाखिल है ब्लैक फंगस के सात मरीज
एमएम अस्पताल में ब्लैक फंगस के सात मरीज उपचाराधीन है। इनमें दो अन्य राज्यों है। मरीज परमिंद्र कौर मुलाना, अशोक कुमार जमालमाजरा, हरीश कुमार अंबाला, संतोष कुमार अंबाला, सुरिंद्र कुमार अंबाला, उमाकांत सहारनपुर व राजीव प्रसाद पटना से हैं। मरीज परमिंद्र कौर व राजीव प्रसाद की फंगस खत्म करने के लिए 17 मई को ऑपरेशन कर आंख तक निकालनी पड़ी थी।