हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। विधानसभा चुनाव में इस बार अंबाला कैंट में भाजपा का वोट बैंक खिसक गया, जहां पिछले वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 64 हजार 751 वोट मिले थे। जबकि 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 59 हजार 858 वोट मिले हैं, यानी 4893 कम वोट पड़े।
नारायणगढ़ विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का अंतर कम हुआ। वर्ष 2024 के चुनाव में एक लाख 40 हजार 879 लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया और कांग्रेस को 62 हजार 180 वोट मिले, जबकि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को 53 हजार 470 वोट मिले थे। दूसरी तरफ 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 47 हजार 86 वोट हासिल हुए जोकि पिछले वर्ष का आंकड़ा 32 हजार 870 वोट था, यानी की वर्ष 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी ने 20 हजार 600 वोटों से जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार 15 हजार 94 वोट ही मिले हैं।
सिटी में वोट प्रतिशत बढ़ने से हारी भाजपा
शहर विधानसभा के चुनाव में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं और वो भी उस समय जब अंबाला सिटी में वोट प्रतिशत तो बढ़ गया, लेकिन फिर भाजपा प्रत्याशी हार गया। 2024 के विधानसभा में एक लाख 65 हजार 750 लोगों ने मतदान किया। इसमें भाजपा प्रत्याशी को 73 हजार 344 तो कांग्रेस प्रत्याशी को 84 हजार 475 वोट मिले। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान एक लाख 53 हजार 772 लोगों ने मतदान किया था। इस दौरान भाजपा प्रत्याशी को 64 हजार 896 तो कांग्रेस प्रत्याशी को 55 हजार 944 वोट मिले थे।
कांग्रेस के मत प्रतिशत में बढ़ोतरी
मुलाना विधानसभा क्षेत्र में 2024 के चुनाव में एक लाख 59 हजार 837 लोगों ने मतदान किया। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी को 79 हजार 89 वोट मिले और भाजपा प्रत्याशी को 66 हजार 224। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान एक लाख 53 हजार 783 लोगों ने मतदान किया था। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी को 67 हजार 51 और भाजपा प्रत्याशी को 65 हजार 363 वोट मिले थे, यानी की मतगणना बढ़ने के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी के वोट बैंक में भी बढ़ोतरी हो गई।