अंबाला। विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने मनपसंद प्रत्याशी न होने के कारण नोटा का बटन दबाया। चारों विधानसभाओं में 2902 मतदाताओं ने नोटा बटन दबाकर रोष जाहिर किया।
इसमें सबसे ज्यादा नोटा का बटन अंबाला सिटी में 1371 मतदाताओं ने दबाया, वहीं दूसरे नंबर पर अंबाला कैंट विधानसभा में 641 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। इसी प्रकार मुलाना विधानसभा के तहत 480 लोगों ने तो नारायणगढ़ में 410 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
गौरतलब है कि सरकार ने नोटा का बटन इसलिए मशीन में लगाया है कि लोग किसी पार्टी को पसंद नहीं करते, लेकिन वो मतदान करना चाहते हैं।
शहर में सात को नोटा कम मिले वोट
सिटी में 11 प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत को आजमाया। लेकिन सात प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले। इसमें आजाद प्रत्याशी ललित वालिया को 97, सचिन कुमार को 124, मयूर नंदा को 137, सुनील दत्त को 138, भूपिंदर को 166, सतनाम सिंह को 629 व बहुजन समाज पार्टी के मलकीत सिंह भानोखेड़ी को मात्र 1305 वोट मिले। जबकि 1371 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
कैंट में पांच को नोटा से कम वोट
कैंट में 11 प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन पांच प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले। इसमें आजाद प्रत्याशी सुनील वर्मा को 100, जसविंदर गोलू को 146, नवीन बिड़ला को 234, युग थुलासी पार्टी के प्रत्याशी नवीन कुमार को 334 व आम आदमी प्रत्याशी राज कौर गिल को मात्र 524 वोट मिले।जबकि 641 मतदाताओं ने अंबाला कैंट में नोटा का बटन दबाया था।
मुलाना दो को नोटा से कम वोट
मुलाना में 10 प्रत्याशी विधानसभा चुनाव में खड़े थे लेकिन दो प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले। इसमें आजाद प्रत्याशी हरकेश कुमार को 296 और हवेली राम को 465 वोट मिले, जबकि नोटा का बटन 480 मतदाताओं ने दबाया था।
नारायणगढ़ में तीन को नोटा से कम वोट
नारायणगढ़ में सात प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया लेकिन तीन प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले। इसमें आजाद प्रत्याशी धर्मपाल को 297, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की प्रत्याशी सीमा देवी को 299 और आजाद प्रत्याशी नीतू को 316 वोट मिले, जबकि 410 लोगों ने नोटा का बटन दबाकर किसी भी पार्टी को अपना वोट नहीं दिया।
पिछली बार 2497 ने दबाया था नोटा
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों में 2497 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। इसमें अंबाला सिटी विधानसभा के चुनाव में 1484 तो अंबाला कैंट में 1013 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। लेकिन इस दौरान मुलाना और नारायणगढ़ के विधानसभा चुनावों में किसी भी मतदाता ने नोटा का बटन नहीं दबाया था जबकि इस वर्ष 2024 के विधानसभा चुनावों में उक्त दोनों विधानसभाओं में 890 लोगों ने नोटा का बटन दबाया है।