अंबाला कैंट के इंदिरा चौक के पास बुधवार को पुलिस के डंडे से गिरे बाइक सवार की टाटा पिकअप से कुचलकर हुई मौत के बाद लोगों ने जमकर बवाल काटा।
हादसे से भड़के लोगों ने पुलिस की बाइक फूंक डाली और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। नाराज लोगों ने अंबाला-जगाधरी हाईवे पर तीन घंटे तक जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों के पथराव में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। शहर डीसीपी विनोद कौशिक के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। उधर, अंबाला और पंचकूला के पुलिस आयुक्त राजीव देसवाल ने कर्तव्य में कोताही बरतने के आरोप में दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार कैंट के जीएमएन कालेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र अमरदीप निवासी दुखेड़ी अपने दोस्त जगदीप के साथ बाइक से गोलचक्कर से गुजर रहा था। अंबा कांप्लेक्स के नजदीक खडे़ दो पुलिस कर्मचारियों ने छात्र को रुकने का इशारा किया।
इसी दौरान छात्रों को पकड़ने के लिए पुलिस कर्मचारी सड़क के दूसरी ओर खड़े हो गए। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिस कर्मचारी ने बाइक के पीछे बैठे छात्र अमरदीप को डंडा दे मारा। इससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी और अमरदीप भी सड़क पर गिर गया। इससे पहले कि अमरदीप संभल पाता, पीछे से तेज गति से आ रहे एक चौपहिया वाहन ने उसे कुचल दिया।
साथी छात्र अमरदीप को लेकर कैंट सिविल अस्पताल पहुंचा, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल में कैंट विधायक अनिल विज, इनेलो जिलाध्यक्ष शहरी ओंकार सिंह आदि ने भी घटना की जानकारी ली और पीड़ित को सांत्वना दी।
तीन घंटे तक जाम रहा हाईवे
गुस्साए छात्रों ने अंबाला-जगाधरी हाईवे को जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस कर्मचारी की गलती से यह हादसा हुआ है और ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी को लेकर करीब तीन घंटे तक हंगामा हुआ, जिस दौरान वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की राइडर बाइक को भी आग के हवाले कर दिया।
पुलिस और छात्रों में झड़प
हंगामे के दौरान छात्रों व पुलिस के बीच कई बार झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने जब पत्थर चलाने शुरु किए, तो पहले पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस भी डंडे लहराती प्रदर्शनकारियों की ओर दौड़। यह देख प्रदर्शनकारी इधर-उधर भाग गए। फिर कुछ देर के बाद छात्र जुट गए और फिर से पत्थर चलाने लगे। यह सिलसिला कई बार चला।
तीन लोग भी घायल हुए
प्रदर्शनकारियों के पथराव में तीन लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। जिस वक्त प्रदर्शनकारी पथराव कर रहे थे, तो यह सिविल अस्पताल प्रांगण में मौजूद थे। इसी के चलते महिला, एक पुरुष व एक बच्चा घायल हुआ है, जिनको अस्पताल में उपचार दिया गया।
ईएएसआई व कांस्टेबल सस्पेंड
पुलिस द्वारा बाइक सवार छात्रों को रोकने के लिए डंडा मारना महंगा पड़ गया। उनकी इस लापरवाही के कारण एक छात्र की मौत हो गई। इसी लापरवाही के चलते पुलिस ने ईएएसआई व कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया।