संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। महाशिवरात्रि पर्व पर कैलाश मंदिर हाथीखाना में भोले बाबा और नंदी महाराज दुल्हा बनेंगे। इसके साथ ही शिवलिंग का चांदी के स्वरूप से भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहेगा। छावनी के कैलाश मंदिर हाथीखाना मंदिर के महंत श्रीश्री 108 मनमोहन दास महाराज ने बताया कि रविवार सुबह 3 बजे भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। सुबह से बाबा को जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग जाएगी। वहीं मंदिर में खीर और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा। शाम को भोले बाबा और नंदी महाराज का दूल्हा के रूप में श्रृंगार किया जाएगा। नंदी महाराज पर सवार दूल्हा बने भोले की छवि आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही शिवलिंग का चांदी के स्वरूप से भव्य श्रृंगार किया जाएगा। रात 9 बजे से चार पहर की विशेष पूजा शुरू होगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी। श्रद्धालुओं के लिए दिनभर खीर और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
दोपहर में कीर्तन, रात भर अनुष्ठान
हिल रोड स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में भी उत्सव की तैयारियां पूरी हैं। पुजारी पंडित प्रवेश उनियाल के बताया कि सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और 5:30 बजे पहली आरती होगी। इसके बाद भक्तों की ओर से दोपहर तक बाबा का जलाभिषेक किया जाएगा, इसके उपरांत भक्तों को खीर का प्रसाद बांटा जाएगा। दोपहर 3 बजे से महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। रात 9:30 बजे से शुरू होने वाली चार पहर की पूजा सोमवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी।
112 साल पुराने इतिहास की झलक
स्टाफ रोड स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर अपनी प्राचीनता के लिए विख्यात है। पुजारी पंडित अनिल शर्मा ने बताया कि यह मंदिर 112 साल पुराना है और यहां स्थापित मुख्य शिवलिंग की विशेषता यह है कि इसमें 1008 छोटे शिवलिंग समाहित हैं। यहां 100 साल से भी अधिक पुरानी मूर्तियां स्थापित हैं, जो श्रद्धा का केंद्र हैं। रविवार सुबह 4:30 बजे मंदिर खोल दिया जाएगा। जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा छावनी के सैन्य क्षेत्र स्थित 400 वर्ष पुराना ऐतिहासिक रानी का तालाब मंदिर में स्थापित शिवलिंग का विशेष जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान देश के 12 ज्योतिर्लिंग से जल से बाबा जलाभिषेक किया जाएगा। बीपीएस प्लेनेटोरियम स्थित पंचमुखी शिव मंदिर, लाल कुर्ती बाजार सनातन धर्म शिव मंदिर, टिंबर मार्केट के जमना जवाहर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे।