किसान आंदोलन के शुरुआत से चर्चा में रहे नवदीप जलबेड़ा व जयसिंह जलबेड़ा को भाकियू पदाधिकारियों ने वीडियो जारी कर निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस दौरान भाकियू अंबाला के पदाधिकारियों के साथ कई जिलों के पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों ही सदस्यों को फंड में गड़बड़ी करने और अनुशासन हीनता बरतने के लिए दोषी पाया गया है।
फंड में गड़बड़ी की जांच के लिए प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इसके बाद जयसिंह व नवदीप को कमेटी के सामने बुलाया गया था। इस दौरान नवदीप ने कमेटी के सामने आने से मना कर दिया। जबकि जय सिंह की कमेटी में पूछे गए सवालों का कोई सही जबाव नहीं दिया गया। इस कारण दोनों सदस्यों को दोषी पाया गया है। जिला प्रधान मलकीत सिंह ने निर्देश दिए कि दोनों ही सदस्यों को भाकियू किसान यूनियन से निष्कासित कर दिया है। यह वीडियो वायरल होने के साथ ही सोशल मीडिया ग्रुप में बहुत से किसानों ने उनके निष्कासन का विरोध जताया और दोनों ही सदस्यों को दोबारा मौका देने की बात कही। किसानों द्वारा विरोध करने के बाद भाकियू अंबाला के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने भी निर्णय पर अस्पष्टता जाहिर की।
आंदोलन के दौरान वाटर कैनन का मुंह मोड़ने पर प्रसिद्ध हुआ था नवदीप
26 नवंबर को जब किसान अंबाला से दिल्ली की ओर रवाना हो रहे थे। उस समय पुलिस द्वारा किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया था। जिस समय वाटर कैनन चल रही थी उसी दौरान नवदीप जलबेड़ा ने चलती वाटर कैनन का मुंह मोड़ दिया और वाटर कैनन से ट्रैक्टर पर छलांग लगा दी। यह वीडियो पूरे देश में वायरल हुई और तभी से ही नवदीप जलबेड़ा प्रसिद्ध हो गया उसके बाद भी हर आंदोलन में अच्छी भागीदारी के कारण चर्चा में रहा। वहीं उनके पिता जय सिंह भी शुरुआत से आंदोलन से जुड़े है और अपनी ब्यानबाजी को लेकर चर्चा में रहे हैं।