अंबाला। शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि वह छह दिसंबर को जत्थेबंदियों के साथ दिल्ली के लिए पैदल कूच करेंगे। इधर किसानों की घोषणा के बाद अंबाला के जिला प्रशासन ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (144 सीआरपीसी) भी लागू कर दी है। इस धारा के तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित नहीं हो सकते हैं।
इस संबध में उपायुक्त कार्यालय की ओर से किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के ऑल इंडिया चेयरमैन स्वर्ण सिंह निवासी पंडेर कलां जिला मजीठा अमृतसर पंजाब और भाकियू किसान यूनियन (एकता आजाद) के सुबा प्रधान जसविन्द्र सिंह निवासी वडियानी, जिला संगरूर पंजाब को पत्र जारी करके सूचित भी कर दिया गया है।
किसान नेता तेजबीर सिंह ने बताया कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से शंभू बॉर्डर से ही दिल्ली जत्थेबंदियों के साथ कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन लाख रोकने के प्रयास कर ले वह अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे फिर चाहें कुछ भी हो जाए।
दिल्ली पुलिस से अनुमति लेकर अंबाला प्रशासन को दिखाएंगे किसान
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि विगत दिनों उपरोक्त किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और समर्थकों की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि छह दिसंबर को जत्थों के रूप में शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच का आह्वान किया गया है।
ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों के एकत्रित होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस संबध में संबंधित किसान संगठनों को दिल्ली में प्रदर्शन या आंदोलन करने के लिए दिल्ली पुलिस की अनुमति लेना अनिवार्य है और अनुमति मिलने पर उपायुक्त कार्यालय अंबाला को सूचित करना भी जरूरी है।
कोर्ट का आदेश याद दिलाया
उपायुक्त ने बताया कि उच्च न्यायालय की ओर से स्पेशल अपील के संबध में गत 24 जुलाई 2024 को सुनवाई के दौरान शंभू बोर्ड पर यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए थे। इससे कि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो और दोनों पक्षों से भी अपील की गई है कि इस मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझाया जाए।
इस संबध में उच्चतम न्यायलय की ओर से एक कमेटी भी गठित की गई है जो हर पक्ष से वार्तालाप कर रही है।
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा पुलिस एक्ट 2007 की धारा 69 के अनुसार सक्षम पुलिस अधिकारी सार्वजनिक स्थान पर सभाओं और जलूसों के संचालन के लिए उचित निर्देश दे सकता है। इसके कई नियम हैं।
किसान संगठन फिर करें विचार
उपायुक्त ने उपरोक्त तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए अपील की है कि संबंधित किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करने बारे व पैदल जत्थों से दिल्ली जाने बारे पुन: विचार करें।