कुरुक्षेत्र। नागरिक अस्पताल के वार्ड में बेडों पर बिछाई गई चदरें। संवाद
कुरुक्षेत्र। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही इन दिनों मरीजों की जान जोखिम में डाल रही है। मरीजों में कब संक्रमण फैल जाए कुछ कहां नहीं जा सकता। एक तरफ जहां सरकार रोजाना अलग- अलग रंग की दिनों के हिसाब से बेडशीट बिछाएं जाने के दावे कर रही है, वहीं धरातल पर इसकी सच्चाई कुछ और ही है। अस्पताल में मरीजों को सप्ताहभर से एक ही बेडशीट पर लेटना पड़ रहा है। अस्पताल के वार्डों में बेडशीट नहीं बदली गई। मजबूरन मरीजों को घरों से बेडशीट लेकर आनी पड़ रही है। वहीं कुछ मरीज बिना बेडशीट के ही बेड पर लेटने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन की यह गंभीर लापरवाही हैं।
जिला अस्पताल में पिछले 15 दिन से बेडशीट धोने वाली मशीन खराब पड़ी है। अस्पताल प्रशासन मशीन को ठीक करने की जहमत तक नहीं उठा रहा। धोबी को मजबूरन हाथ से ही बेडशीट धोनी पड़ रही है। जिससे दिनों के हिसाब से अस्पताल में धोबी बेडशीट मुहैया नहीं करा पा रहे। इतना ही नहीं नर्सरी व ओटी में यूज होने वाले कपड़ों की धुलाई भी नहीं हो पा रही। अस्पताल में दाखिल मरीजों ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को अलग-अलग बेडशीट मिलना तो दूर यहां बेड ही मिल जाए, तो गनीमत है। मरीजों ने कहा कि एक बेड पर एक से दो मरीजों को लेटना पड़ता है।
यह जानना जरुरी, किस दिन कौनसी बिछेगी चादर
2016 में सरकारी अस्पतालों में दिन के हिसाब से चादर का रंग तय कर दिया था। शासन ने दिन के हिसाब से चादर का रंग निर्धारित अस्पतालों में इसे लागू किया था। सोमवार को सफेद, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरा, वीरवार को पीला, शुक्रवार को बैगनी या लवेंडर, शनिवार को नीला, रविवार को हल्का गुलाबी या हल्का भूरे रंग के चादर का इस्तेमाल निर्धारित किया गया है।
जल्द ठीक कराई जाएगी मशीन : डॉ. साहरा
पीएमओ डॉ. साहरा अग्रवाल ने बताया की मशीन खराब है संबंधित कंपनी को लिखकर भेज चुके हैं, जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को साफ सुथरी बेडशीट मुहैया कराई जा रही।