अंबाला। दिवाली के बाद भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व छठ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। छठ पर्व आज नहाय-खाय के साथ शुरू हो रहा है।
छह को खरना, सात को डूबते सूर्य देव और आठ नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य पर समाप्त होगा। इसके लिए लोगों ने अपने घरों व इलाकों में बनने वाले कृत्रिम घाटों के लिए साफ-सफाई शुरू कर दी है। पहले से जो घाट बने हुए हैं, वहां पर सफाई की जा रही है तो कुछ जगह पर नए घाट तैयार किए जा रहे हैं।
उधर, बाजार में भी दुकानदारों ने पूजन सामग्री लगा दी है। हालांकि अभी लोकल खरीदार कम है लेकिन जो दूसरे शहरों में जाते हैं वह खरीदारी कर रहे हैं जबकि रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों में छठ पूजन को लेकर अपने-अपने घरों में जाने के लिए भीड़ देखने को मिल रही है।
60 से लेकर 100 रुपये तक की टोकरी, 50 रुपये का छाज
दुकानदार गुरचरण गुलाटी ने बताया कि छठ पूजा को लेकर नारियल 40 से 50 रुपये में मिल रहा है वहीं सूखे नारियल का रेट 300 रुपये किलो है, सुथनी 10 रुपये का एक पीस, कपूर की छोटी डब्बी 20 रुपये में तो बड़ी डिब्बी 40 रुपये में उपलब्ध है।
छोटी टोकरी 60 रुपये, बड़ी टोकरी 100 रुपये, छाज 50 रुपये, बोइया 20 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह से फलों में सेब 80 से 160 रुपये किलो, सिंघाड़ा 60 रुपये किलो, संतरा 80 रुपये किलो, केला 80 से 100 रुपये दर्जन, अदरक 100 रुपये किलो में उपलब्ध है।
टांगरी नदी के पास बनते हैं सबसे ज्यादा घाट
दरअसल, अंबाला जिला में सबसे ज्यादा प्रवासी परिवार अंबाला छावनी की टांगरी नदी की जद में बसने वाली कॉलोनियों में रहते हैं। दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले यह परिवार पूरे श्रद्धा से पर्व मनाते हैं।
इसलिए न्यू लक्की नगर, अमन नगर, टैगोर गार्डन आदि में घाटों की सफाई और नए तैयार करने की तैयारियां शुरू कर दी है। इसके अलावा रेलवे कॉलोनी के नाच घर व सिटी में घग्गर के पास भी घाटों को लेकर तैयारियां कर रहे हैं।
छावनी की रेलवे कालोनी स्थित नाचघर परिसर में तांबुल की आकृति में तैयार किए गए छठ घाट की सफाई क