अंबाला। शहर और अंबाला कैंट में विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े पंडालों में रोजाना भगवान गणेश के भक्त उनकी पूजा अर्चना कर रहे हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग लगाकर लंबोदर को रिझा रहे हैं। सिर्फ पंडालों में ही नहीं, बल्कि घरों में भी लोग गणेश को विराजमान कराते हैं। इसके पीछे उनकी आस्था नजर आती है।
लाल कुर्ती की निवासी किरण बाला बताती हैं कि वह 10 साल से भगवान गणेश को विराजित कर रही हैं। पहली बार वह एक फीट की गणेश जी की मूर्ति लगाई थीं लेकिन इस बार वह ढाई फीट के गणेश लाई हैं। उन्होंने बताया कि जब से बप्पा से लगन लगी है, तब से घर में सुख शांति है। उन्होंने बताया कि हर साल वह दस दिन के बप्पा को विराजित करती थी, लेकिन इस बार उन्होंने पांच दिन के लिए गणेश जी विराजित किए हैं। 12 सितंबर को वह गणपति बप्पा का जनसुई हेड में विसर्जन करेंगे।
14 साल पहले जय श्री गणेश मंडल के साथ शुरू हुआ सफर आज भी जारी
लाल कुर्ती बाजार निवासी बिटटू ने बताया कि वह लाल कुर्ती के जय श्री गणेश मंडल के सदस्य हैं और 14 साल से संस्था के साथ गणपति बप्पा लेकर आ रहे हैं। तभी से उनकी और परिवार के सदस्यों की बप्पा प्रति ऐसी श्रद्धा जागी कि आठ साल से वे संस्था के साथ-साथ अपने घर में भी बप्पा को विराजित करते हैं। उन्होंने सात सितंबर को घर में बप्पा को विराजित किया था। रोजाना घर पर सुबह को सनातन धर्म मंदिर के पुजारी रोहित आते हैं और बप्पा की आरती कर मोदक का भोग लगाते हैं। इसके साथ ही रोजाना चार बजे से लेकर शाम सात बजे तक घर में भजन कीर्तन किया जाता है। इसके बाद रात आठ बजे पंडित जी आरती करते हैं और बप्पा को पंचमेवा का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को बांटा जाता है, 16 सितंबर को वह बप्पा को परिवार के साथ जनसुई हेड में विसर्जन करेंगे।
सुख-शांति और घर की मन्नत हुई पूरी
छावनी के कबीर नगर निवासी कनिका ने बताया कि पहले वह गणेश चतुर्थी पर पंडाल, रिश्तेदारों और जानकाराें के यहां पर गणपति की पूजा के लिए जाते थे। इसके बाद उन्होंने पिछले साल पहली बार घर में गणपति बप्पा विराजित किए और बप्पा से सुख शांति और अपने घर की मन्नत मांगी। जिसे बप्पा से सुन लिया और पूरा कर दिया। कनिका के अनुसार घर बन चुका है थोड़ा काम बाकी है। इस बार उन्होंने दूसरी बार बप्पा को विराजित किया है।