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बैंक कर्मियों की हड़ताल से 450 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

Tue, 11 Feb 2014 12:12 AM IST
अमर उजाला अंबाला
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अंबाला/नारायणगढ़/बराड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिला भर के बैंकों के कार्यालयों पर ताले लटके रहे। इससे जिले में करीब 450 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने सोमवार को बैंकों के आगे धरना प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के लिए नारेबाजी की। बैंक उपभोक्ता जिले के करीब 200 एटीएम पर निर्भर रहे। बैंक कर्मचारियों की यह हड़ताल मंगलवार को भी रहेगी।
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यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर दिसंबर में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार ने इस मांग पर कोई गौर नहीं किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांग है कि 1 नवंबर 2012 से जो वेतन वृद्धि की जानी थी, वह नहीं की जा रही है। इसके अलावा बैंक रिफार्म के नाम पर भी धोखाधड़ी की जा रही है। रिफार्म के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंकों को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

यदि यह हो जाता है, तो उपभोक्ताओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। उपभोक्ताओं का विश्वास भी राष्ट्रीयकृत बैंकों पर है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी वेतन वृद्धि उक्त तिथि से जारी नहीं की जाती, तब तक बैंक अपना संघर्ष करते रहेंगे। इसी को लेकर 11 फरवरी को भी बैंकों में हड़ताल रहेगी। अंबाला कैंट इलाहाबाद बैंक के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान बीएस साहनी, वीके वर्मा, पीसी चौहान, जीएस ओबराय, राजकुमार, आरसी गुलाटी, एचएस वालिया आदि मौजूद रहे।
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उधर, नारायणगढ़ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर नारायणगढ़ स्थित सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल के चलते सोमवार को आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित रही। हालांकि लोगों ने निजी बैंकों व एटीएम के माध्यम से अपना रोजमर्रा का काम चलाने का प्रयास किया। हड़ताल के मददेनजर अधिक्तर बैंकों ने बाहर दो दिन की हड़ताल का नोटिस चस्पा कर ग्राहकों को सूचित कर रखा था। बैंकों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके हुए थे। बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों के बड़े लेन-देन, जमीनी सौदों की खरीद-फरोखत बुरी तरह प्रभावित हुई।

इसी तरह बराड़ा में सैंट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला तथा हरियाणा ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखाओं में पूर्ण हड़ताल रही, जिससे बैंक ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एटीएम व निजी बैंकों में कामकाज सामान्य चलने से थोड़ी राहत मिली व लोगों ने एटीएम से न्यूनतम आवश्यकता के लिए पैसे निकाल कर अपने दैनिक काम काज निपटाये।
इसी तरह अंबाला सिटी में सोमवार को राष्ट्रीयकृत 27 बैंको की हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों का काम काज ठप रहा, जिस कारण आम जनता को पैसों के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। बैंक हड़ताल के कारण 110 शाखाओं में करोड़ों रुपए का लेनदेन प्रभावित होने के आसार बनते नजर आ रहे है।
हरियाणा बैंक कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव राजेश बंसल ने बताया कि सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी सरकार ने जनता के हित में नहीं सोचा। मजबूरन लाखों बैंक कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।  
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‘शहजादपुर से बैंक में पैंशन लेने आई थी लेकिन उन्हे हड़ताल का नहीं पता था। इस कारण काफी परेशानी हुई है। पेंशन पर ही निर्भरता है अब कम से कम दो दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा।’
- ज्ञान कौर, खाताधारक एसबीआई
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‘केनरा बैंक में किसी काम के चलते पैसे निकालवाने आया था, लेकिन बैंक बंद होने के कारण पैसे नहीं मिल सके। एटीएम से सिर्फ 20000 से ऊपर रुपए नहीं निकलते। अब देखते हैं किसी तरह बंदोबस्त करेंगे ताकि काम तो न रुके।’
- सतनाम सिंह, निवासी गांव शेखुपुरा
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‘जरूरी काम से बाहर जाना था, जिसके लिए नकदी की जरूरत थी। जब बैंक में गया, तो पता चला कि हड़ताल है। किसी तरह एटीएम से थोड़ी नकदी का बंदोबस्त तो किया, लेकिन अन्य नकदी के लिए इधर-उधर से इंतजाम किया। हड़ताल के कारण परेशानी काफी उठानी पड़ी।’
- गैदीन, निवासी हीरा नगर अंबाला सिटी
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‘हड़ताल का पता नहीं था, जबकि कैश चाहिए था। ट्रेन के जरिये कहीं जरूरी काम से जाना था। अब कैश निकलवाने में दिक्कत हुई, जबकि नकदी का इंतजाम किसी दूसरे व्यक्ति से किया।’
जिबोद राज, निवासी हीरा नगर अंबाला शहर

बैंक कर्मियों की हड़ताल से 450 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
अंबाला/नारायणगढ़/बराड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिला भर के बैंकों के कार्यालयों पर ताले लटके रहे। इससे जिले में करीब 450 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने सोमवार को बैंकों के आगे धरना प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के लिए नारेबाजी की। बैंक उपभोक्ता जिले के करीब 200 एटीएम पर निर्भर रहे। बैंक कर्मचारियों की यह हड़ताल मंगलवार को भी रहेगी।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर दिसंबर में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार ने इस मांग पर कोई गौर नहीं किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांग है कि 1 नवंबर 2012 से जो वेतन वृद्धि की जानी थी, वह नहीं की जा रही है। इसके अलावा बैंक रिफार्म के नाम पर भी धोखाधड़ी की जा रही है। रिफार्म के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंकों को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। यदि यह हो जाता है, तो उपभोक्ताओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। उपभोक्ताओं का विश्वास भी राष्ट्रीयकृत बैंकों पर है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी वेतन वृद्धि उक्त तिथि से जारी नहीं की जाती, तब तक बैंक अपना संघर्ष करते रहेंगे। इसी को लेकर 11 फरवरी को भी बैंकों में हड़ताल रहेगी। अंबाला कैंट इलाहाबाद बैंक के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान बीएस साहनी, वीके वर्मा, पीसी चौहान, जीएस ओबराय, राजकुमार, आरसी गुलाटी, एचएस वालिया आदि मौजूद रहे।
उधर, नारायणगढ़ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर नारायणगढ़ स्थित सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल के चलते सोमवार को आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित रही। हालांकि लोगों ने निजी बैंकों व एटीएम के माध्यम से अपना रोजमर्रा का काम चलाने का प्रयास किया। हड़ताल के मददेनजर अधिक्तर बैंकों ने बाहर दो दिन की हड़ताल का नोटिस चस्पा कर ग्राहकों को सूचित कर रखा था। बैंकों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके हुए थे। बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों के बड़े लेन-देन, जमीनी सौदों की खरीद-फरोखत बुरी तरह प्रभावित हुई।
इसी तरह बराड़ा में सैंट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला तथा हरियाणा ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखाओं में पूर्ण हड़ताल रही, जिससे बैंक ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एटीएम व निजी बैंकों में कामकाज सामान्य चलने से थोड़ी राहत मिली व लोगों ने एटीएम से न्यूनतम आवश्यकता के लिए पैसे निकाल कर अपने दैनिक काम काज निपटाये।
इसी तरह अंबाला सिटी में सोमवार को राष्ट्रीयकृत 27 बैंको की हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों का काम काज ठप रहा, जिस कारण आम जनता को पैसों के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। बैंक हड़ताल के कारण 110 शाखाओं में करोड़ों रुपए का लेनदेन प्रभावित होने के आसार बनते नजर आ रहे है।
हरियाणा बैंक कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव राजेश बंसल ने बताया कि सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी सरकार ने जनता के हित में नहीं सोचा। मजबूरन लाखों बैंक कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।  
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‘शहजादपुर से बैंक में पैंशन लेने आई थी लेकिन उन्हे हड़ताल का नहीं पता था। इस कारण काफी परेशानी हुई है। पेंशन पर ही निर्भरता है अब कम से कम दो दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा।’
- ज्ञान कौर, खाताधारक एसबीआई
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‘केनरा बैंक में किसी काम के चलते पैसे निकालवाने आया था, लेकिन बैंक बंद होने के कारण पैसे नहीं मिल सके। एटीएम से सिर्फ 20000 से ऊपर रुपए नहीं निकलते। अब देखते हैं किसी तरह बंदोबस्त करेंगे ताकि काम तो न रुके।’
- सतनाम सिंह, निवासी गांव शेखुपुरा
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‘जरूरी काम से बाहर जाना था, जिसके लिए नकदी की जरूरत थी। जब बैंक में गया, तो पता चला कि हड़ताल है। किसी तरह एटीएम से थोड़ी नकदी का बंदोबस्त तो किया, लेकिन अन्य नकदी के लिए इधर-उधर से इंतजाम किया। हड़ताल के कारण परेशानी काफी उठानी पड़ी।’
- गैदीन, निवासी हीरा नगर अंबाला सिटी
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‘हड़ताल का पता नहीं था, जबकि कैश चाहिए था। ट्रेन के जरिये कहीं जरूरी काम से जाना था। अब कैश निकलवाने में दिक्कत हुई, जबकि नकदी का इंतजाम किसी दूसरे व्यक्ति से किया।’
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जिबोद राज, निवासी हीरा नगर अंबाला शहर

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