उगाला में पीलिया फैलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। उगाला गांव में पीलिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बीमारी को रोकने के लिए खंड एवं विकास अधिकारी कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए गांव में मुनादी करवाई है। मुनादी के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी रेहड़ी-फड़ी संचालक असुरक्षित या खुले में रखे खाद्य पदार्थ बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव के चौकीदार ने रविवार को बाजार में मुनादी कर दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों को सूचित किया कि वे कटे-फटे फल, खुले में रखे खाद्य पदार्थ या दूषित पेय पदार्थों की बिक्री न करें। प्रशासन ने फिलहाल एहतियात के तौर पर रेहड़ी-फड़ी संचालकों को अस्थायी रूप से दुकानें न लगाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीडीपीओ कार्यालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उस पर पांच हजार रुपये का नकद जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में शिविर लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं। जहां जनस्वास्थ्य विभाग पानी की शुद्धता का दावा कर रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी की जड़ दूषित खान-पान और पानी को बताया है, फिलहाल पूरे गांव में सघन निगरानी रखी जा रही है।