अंबाला। बालवाटिका-III (प्री-प्राइमरी) के विद्यार्थियों को भी राइट टू एजुकेशन एक्ट के दायरे में लाकर निशुल्क शिक्षा के प्रावधानों से जोड़ दिया गया है। इसके तहत बच्चों को स्कूल वर्दी, बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए सरकार की ओर से हर साल 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से सूबे के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लिखित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, यह पूरी राशि पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे अभिभावकों या छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। निदेशालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सालाना मिलने वाले 1,000 रुपये का बजट तय नियमों के अनुसार ही खर्च किया जा सकेगा। निर्धारित राशि के तहत स्कूल वर्दी और स्कूल बैग के लिए 800 रुपये और स्टेशनरी के लिए 200 रुपये दिए जाएंगे।
बॉक्स
पहली कक्षा जैसी होगी बालवाटिका की वर्दी
निदेशालय ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बालवाटिका-III के बच्चों के लिए जो वर्दी तय की जाएगी। उसका रंग और डिजाइन बिल्कुल कक्षा पहली के विद्यार्थियों जैसा ही होगा। इसके पीछे सरकार की सोच यह है कि जब बच्चा अगली कक्षा में पदोन्नत हो, तो उसकी वही वर्दी अगले साल भी काम आ सके और माता-पिता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
बॉक्स
अधिकारियों को आदेश, प्राथमिकता पर खुलवाएं बैंक खाते
योजना का लाभ बिना किसी देरी के सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ रहे सभी बच्चों के बैंक खाते उनके अभिभावकों के साथ प्राथमिकता के आधार पर खुलवाना सुनिश्चित करें। खातों को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम यानी पीएफएमएस से जोड़ा जाएगा ताकि डीबीटी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और समय पर पैसा ट्रांसफर किया जा सके।
-
बालवाटिका-III के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत निशुल्क सुविधाएं दी जा रही हैं। वर्दी और स्टेशनरी की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने के लिए डीबीटी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी अनुपालन के निर्देश दे दिए गए हैं।
ज्योति सभ्रवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी,अंबाला।