बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर साल की तरह इस साल भी भंडारा लगाने गए अंबाला सिटी के भंडारा कैंप पर पहलगाम में रविवार को हमला बोल दिया गया। आतंकी बुरहान के एनकाउंटर के बाद गुस्साई भीड़ ने भंडारा कैंप में घुसकर तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। बाद में भक्तों ने बीएसएफ कैंप भागकर जान बचाई।
समाज सेवी संदीप सचदेवा ने बताया कि अंबाला के भक्तजन पहलगाम के गणेशपुरा में हर साल बाबा अमरनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए भंडारा लगाते हैं। इस साल भी उन्होंने वहां पिछले कुछ दिनों से भंडारा शुरू कर रखा था। रविवार को भीड़ ने डंडों और अन्य हथियारों के साथ उनके भंडारा कैंप पर हमला बोल दिया।
सचदेवा के अनुसार इस हमले के दौरान भंडारा कैंप में अफरातफरी मच गई। वहां भंडारा चख रहे भक्तजन भागने लगे। सभी को खदेड़कर भीड़ ने भंडारे के सारे सामान को तहस-नहस कर दिया और वहां आग लगा दी। इस उपद्रव को देखकर अंबाला समेत वहां मौजूद अन्य भक्तों ने बीएसएफ के कैंप में घुसकर अपनी जान बचाई। उधर, बीएसएफ के जवानों ने उपद्रव करने वालों को वहां से खदेड़ा।
सचदेवा के अनुसार, वहां से कुछ लोगों से बातचीत हुई थी। सभी सकुशल हैं, लेकिन अब उनसे कोई संपर्क नहीं हो रहा है। उनके अनुसार ये वहीं भीड़ थी, जो घाटी के आतंकी बुरहान की मौत के बाद घाटी का माहौल बिगाड़ने में तुले हुए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि वे अंबाला के भक्तों को सकुशल पहलगाम से वापस यहां पहुंचाने की तुरंत व्यवस्था करवाए और घाटी में बिगड़े माहौल को दुरुस्त करवाए।