पुलिस की कार्यप्रणाली को जांचने और उसमें सुधार करने की मंशा लेकर रविवार देररात कैंट थाने में छापा मारने पहुंचे मंत्री अनिल विज के खिलाफ अब हरियाणा पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन संघ ने मोर्चा खोल दिया है।
संघ ने मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए उनकी औचक निरीक्षण के तरीके को गलत करार दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि इस छापामारी का मकसद पुलिस जवानों की कार्यप्रणाली में सुधार करना नहीं, बल्कि पुलिस जवानों पर अनावश्यक दबाव बनाना और उन्हें प्रताड़ित करना था, इसका संघ विरोध करती है।
दोपहर को जैसे ही संघ के प्रदेश महासचिव व एएसआई सतपाल सिंह ने मंत्री विज के खिलाफ मोर्चा खोला, तभी अंबाला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीसीपी सुरेंद्र पाल सिंह ने इस बाबत अंबाला कैंट एसीपी व एसएचओ को इस बारे में जांच कर तुरंत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
कुछ ही घंटे में एसीपी और एसएचओ ने भी इस मामले में अपनी जांच कर रिपोर्ट डीसीपी को सौंप दी और शाम होते-होते डीसीपी ने संघ के प्रदेश महासचिव एवं अंबाला के प्रधान एएसआई सतपाल सिंह सस्पेंड कर दिया। एएसआई सतपाल वर्तमान में उसी कैंट थाने में तैनात है, जहां देररात मंत्री ने रेड मारी थी।
अनुशासनहीनता की वजह से किया सस्पेंड : डीसीपी
अपने प्रवक्ता के माध्यम से डीसीपी अर्बन सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि एएसआई सतपाल सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। ये कार्रवाई किसी के दबाव में नहीं की गई है, बल्कि अनुशासनहीनता के चलते की गई है। एसीपी और एएसचओ ने इस मामले की जांच की, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है।
इस तरह अपने सीनियर ऑफिसर से बिना पूछे कोई भी कर्मचारी अपना बयान सार्वजनिक नहीं कर सकता और अपनी बात कहने का ये कोई अनुशासनिक तरीका नहीं था।
सस्पेंड एएसआई बोला, जवानों के साथ ज्यादती बरदाश्त नहीं करेंगे
शाम को डीसीपी द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद अपनी त्वरित प्रतिक्रिया देेते हुए एएसआई सतपाल ने कहा कि ये सब कुछ जवानों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है। इससे पुलिस जवानों का हौसला नहीं बढ़ रहा है, बल्कि जवानों में सरकार, उनके मंत्रियों व विधायकों के प्रति आक्रोश पैदा हो रहा है।
एएसआई ने कहा कि पंचकूला में सीएम ने भी थाने का दौरा किया, उसके बाद अब मंत्री विज भी थाने में पहुंच गए, समझ नहीं आ रहा है कि इस तरह के औचक निरीक्षण का मकसद क्या है, सरकार इसके जरिए जवानों का हौंसला तोडना चाहती है और उन पर जवाब बनाना चाहती है। लेकिन एसोसिएशन पुलिस जवानों पर इस तरह की ज्यादतियां बरदाश्त नहीं करेगी। एएसआई ने कहा कि रविवार देररात मंत्री विज ने थाने में जवानों की लाइन करवाकर हाजिरी ली और इस दौरान मुख्य दरवाजा बंद करवा दिया।
उनके अनुसार मंत्री द्वारा जांच करने का ये कोई वैधानिक तरीका नहीं है। उनके अनुसार मंत्री को बताया जा रहा था कि जो बीस जवान थाने से गायब है, वो सभी ड्यूटियों पर है, कोई गश्त पर है, कोई कावड़ सुरक्षा ड्यूटी पर है, कोई स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की ड्यूटी पर है और कोई राइडिंग पर है। पुलिस अफसर तक उन्हे यही बात बताने की कोशिशें कर रहे थे, लेकिन मंत्री कुछ सुनने को तैयार ही नहीं थे।
वर्दी की कसम, आर-पार की लड़ेंगे लड़ाई : प्रदेशाध्यक्ष
मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलने पर संघ के प्रदेश महासचिव को सस्पेंड किए जाने पर संघ के प्रदेशाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भी भड़क गए है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन संघ के प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा ने साफ कहा कि वर्दी के सम्मान की कसम, अन्याय के खिलाफ जवान आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
भले ही ये अन्याय सरकार करे या फिर पुलिस अफसर। उन्होंने कहा कि वे अपने पुलिस अफसरों का सम्मान करते हैं और उनके हुक्म की तामील भी करते हैं, लेकिन कुछ राजनेता बिना वजह जवानों पर दबाव बनाना चाहते हैं। वो बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा ने कहा कि जेल हमारा घर है और संघर्ष हमारा जीवन। उनके अनुसार 1991 में सरकार पुलिस जवानों का संघर्ष देख चुकी है, इसलिए मौजूदा सरकार इस तरह की हरकतें करके पुलिस जवानों को फिर से संघर्ष के लिए मजबूर न करे।
उनके अनुसार जो पुलिस वाला अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे सस्पेंड कर दिया जाता है, अभी इस मामले में संघ समीक्षा कर रहा है, उसके बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि शायद विज को सिपाही की कीमत का नहीं मालूम, इसलिए उन्होंने पुलिस जवानों व अफसरों के साथ औचक निरीक्षण में ऐसा बर्ताव किया। उनके अनुसार संघ प्रदेश का माहौल बिगाडना नहीं चाहती, मगर सरकार यही चाहती है, तो जवान इसके लिए भी तैयार है।
विज बोले, पुलिस सुधार के लिए भेजी डीजीपी को रिपोर्ट
कैंट थाने में रविवार रात को छापामारी करने वाले सेहत मंत्री अनिल विज ने अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी है। उन्होंने डीजीपी को सौंपी रिपोर्ट में कैंट थाने के उन तमाम हालातों से उन्हे अवगत करवाया है, जो उन्होंने वहां चैकिंग के दौरान देखे।
विज ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि थानों में आने वाले कई शिकायतें ऐसी थी, जिन पर कई दिनों से कोई कार्रवाई तक नहीं की गई। इतना ही नहीं फरियादियों ने शिकायतों के रूप में एफिडेविट तक पुलिस को दिए, उसके बावजूद भी पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
साथ ही पुलिस वेरीफिकेशन के लिए दी गई अर्जी पर भी करीबन एक माह से कोई काम ही नहीं हुआ। अपनी रिपोर्ट में मंत्री ने पुलिस जवानों को राइडिंग के लिए मिलने वाली निर्धारित 20 लीटर तेल की मात्रा को भी बढ़ाने का आग्रह किया। साथ ही मंत्री ने जवानों के लिए अच्छी रसोई सुविधा, अच्छे टॉयलेट व अच्छी बैरकें उपलब्ध करानेे के लिए भी डीजीपी को रिपोर्ट में लिखा।
उनके अनुसार पुलिस जवानों की एसोसिएशन ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने किसी पुलिस अफसर पर किसी जवान को सस्पेंड करने का दबाव बनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की राजनीति न उन्होंने कभी की है और न ही कभी करते हैं। जवान का निलंबन पुलिस का विभागीय मामला है।