नारायणगढ़। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्य सूचना आयुक्त अशोक कुमार मेहता ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के निलंबन को पार्टी का एक ऐतिहासिक और जरूरी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के इस फैसले से अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। शुक्रवार को जारी बयान में मेहता ने कहा कि पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीतकर विचारधारा से गद्दारी करना जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक की जीत केवल उसकी नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के पसीने और पार्टी की नीतियों की जीत होती है। पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने वालों के लिए कांग्रेस में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस कड़ी कार्रवाई के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की प्रशंसा की साथ ही अशोक मेहता ने भाजपा को भी चेतावनी दी कि जो नेता अपनी मातृ संस्था के प्रति वफादार नहीं रहे, वह कभी भी भाजपा को भी बीच रास्ते में धोखा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को ऐसे अवसरवादी चेहरों से सावधान रहने की जरूरत है।