अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में बन रहे नशा मुक्ति केंद्र में पिछले माह ही बेड की व्यवस्थाएं कर दी गई थी। अभी तक यहां पर मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। गंभीर मरीजों को अब भी पुरुष वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है। विभाग को अभी तक यहां पर व्यवस्थाएं संभालने के लिए कर्मचारी भी नहीं मिले हैं। जबकि रोजाना यहां पर 120 से अधिक मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें दौरा से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं।
10 कर्मचारियों की जरूरत
नशा मुक्ति केंद्र में 10 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था बनाई गई। जिसके लिए दो कमरे हैं। यहां पर इसी आधार पर 10 कर्मचारियों की आवश्यकता है। जिसमें रात के समय जांच करने के चिकित्सक, सफाई कर्मी, सुरक्षा कर्मी, वार्ड सर्वेंट सहित अन्य कर्मचारियों की जरूरत हैं। मगर अभी तक कर्मचारियों की भर्ती भी नहीं हुई है।
शौचालय भी अभी अधूरे
नशा मुक्ति केंद्र को कुछ माह पहले ही इसकी पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। मगर यहां पर शौचालयों की हालत खराब पड़ी है। अभी तक यहां पर शौचालयों में दरवाजे भी नहीं लगाए गए हैं। अभी भी शौचालयों के बाहर पर्दे लगाकर ही काम चलाया जा रहा है। आस- पास के क्षेत्र में घास व झाड़ियां भी उगी हुई है। यहां पर जहरीले जीवों का भी खतरा बना हुआ है।
जिले में एक ही सरकारी केंद्र
अंबाला में एक ही सरकारी नशा मुक्ति केंद्र है। उसमें भी पूरी तरह से सुविधाएं शुरू नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को अब भी प्राइवेट केंद्र के सहारे ही चलना पड़ रहा है। जबकि आए दिन नशा करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हाे रही है। बीते वर्ष एम्स की टीम ने 60 लाख रुपये का बजट भी देने की घोषणा की थी। मगर अभी तक वह पैसा भी नहीं मिला है।
स्वास्थ्य विभाग को अभी तक बजट नहीं मिला है। इसलिए केंद्र का काम अधूरा है। कर्मचारियों के लिए भी निदेशालय को लिखा गया है। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डाॅ विपिन भंडारी, जिला नोडल अधिकारी मेंटल हेल्थ