सेना की महत्वपूर्ण यूनिट में घुसने का प्रयास करते पकड़े गए संदिग्ध के पास से मिले फ्यूज कनेक्टर को लेकर भी सेना चिंतित है। सेना इस दिशा में काम कर रही है कि जिस संदिग्ध व्यक्ति को दुबई जाना था, वे अंबाला कैसे पहुंचा और फ्यूज कनेक्टर लेकर यहां सैन्य क्षेत्र में क्या कर रहा था।
इसी जांच में जुटे सैन्य सूत्रों ने बताया संदिग्ध से बरामद फ्यूज कनेक्टर का इस्तेमाल किसी भी बिजली उपकरण का फ्यूज उड़ाकर बिजली गुल करने में किया जाता है। संदिग्ध से मिला फ्यूज कनेक्टर भी काफी अधिक क्षमता था। सेना ने इसको भी सिविल पुलिस के हवाले कर दिया है।
उधर, सेना की जांच में एक और बात यह सामने आई है कि यह संदिग्ध नदीफ करीम नाम के जिस व्यक्ति के संपर्क में था, वेे क्रिसमस के दिन दिल्ली से दुबई गया था। उसके बाद अब इस संदिग्ध को भी जनवरी में दुबई जाना था और फिर दुबई से नदीफ करीम के साथ वापस इंडिया आना था। सेना अब इस कनेक्शन को जानना चाहती है कि आखिरकार नदीफ करीम का ये आदमी कौन है और उसका इस संदिग्ध से क्या लिंक है? खैर, इस बाबत लोकल मिलिट्री अथॉरिटी ने भी अपनी रिपोर्ट तैयार कर आला अफसरों को भेज दी है।
इस साल काबू हो चुके हैं चार संदिग्ध
वर्ष 2016 में अंबाला के अति संवेदनशील इलाके में चार संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है। दो संदिग्ध तो सेना की अति संवदेनशील सैन्य यूनिटों के पास से काबू किए गए। जबकि एक संदिग्ध महिला के वेश में घूमते हुए सेना ने काबू किया। जबकि चौथा संदिग्ध एयरफोर्स स्टेशन के भीतर से काबू किया गया। ये युवक नेपाल का रहने वाला था। चारों संदिग्धों को सेना ने सिविल पुलिस के हवाले कर दिया है।
हाईअलर्ट पर है अंबाला
अंबाला का सैन्य क्षेत्र पूरी तरह से हाई अलर्ट है। अंबाला नार्थ इंडिया में सेना का सबसे बड़ा बेस कैंप हैं, जहां बहुत ही महत्वपूर्ण सैन्य यूनिटें मौजूद है। इसीलिए अंबाला हमेशा दुश्मनों के टारगेट पर रहता है। सैन्य क्षेत्र में कई लोग जासूसी के आरोप में काबू हो चुके हैं, जिनमें दो पाक निवासी थे, जबकि सन 1965 व 1971 के युद्ध में पाक एयरफोर्स अंबाला में बमबारी भी कर चुकी है।