अंबाला छावनी में 31 अक्तूबर को करीब डेढ़ दर्जन फौजियों द्वारा सरेराह पुलिस कर्मियों व अन्य लोगों को पीटने व दो कारोबारियों का अपहरण कर उन्हें लहूलुहान करने के मामले में सेना ने अब ‘बोर्ड ऑफ इंक्वायरी’ शुरू कर दी है।
इसके लिए एक कर्नल और एक मेजर के नेतृत्व में बोर्ड का गठन किया गया है। जो इस पूरे मामले में जांच कर रहे हैं। सूत्राें के अनुसार इस बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के तहत बोर्ड में शामिल अफसरों ने अपनी जांच शुरू कर दी है और इसके तहत पीड़ितों के बयान कलमबद्ध कर लिए गए हैं।
बताया जाता है कि पीड़ितों ने अफसरों के समक्ष दिए बयानों में इस घटना के दौरान जवानों के मचाए उत्पात की सारी कहानी बयां कर दी है। जिसे लेकर सेना अफसर भी हैरान है।
जांच के लिए गठित बोर्ड के अफसराें ने पुलिस से भी इस केस में कुछ जानकारी हासिल की है। सैन्य सूत्रों के अनुसार इस बोर्ड ऑफ इंक्वायरी की जांच रिपोर्ट सेना के आला अफसरों को भेजी जानी है, उसके बाद सेना इस केस में आगामी कार्रवाई का निर्णय लेगी।
उल्लेखनीय है इस बोर्ड ऑफ इंक्वायरी से पहले भी सेना की एक विशेष कमेटी इसी मसले की एक अलग जांच कर चुकी है। ये कमेटी एक लेफ्टिनेंट कर्नल के नेतृत्व में गठित की गई थी। इस विशेष कमेटी की जांच के बाद अब बोर्ड ऑफ इंक्वायरी शुरू की गई है।
पुलिस सेना को दे चुकी है दो गिरफ्तारी वारंट
इसी मसले में अंबाला पुलिस ने जवानों के खिलाफ कारोबारियों का अपहरण कर उनसे मारपीट करने, अन्य लोगों (दो पुलिसकर्मियों समेत) से मारपीट करने, मारने की धमकी देने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कर चुकी है। इसी मामले में अब पुलिस जवानों की गिरफ्तारी चाहती है और इसके लिए दो गिरफ्तारी वारंट जारी कर सेना की संबंधित यूनिट अफसर को दिए जा चुके हैं।