सिटी की कपड़ा मार्केट स्थित कांग्रेस भवन में एक दुकान के कब्जे को लेकर कांग्रेसी और भाजपाइयों में भिड़ंत हो गई। भाजपाइयों ने जहां कांग्रेस भवन के बाहर स्थित एक दुकान पर अपना कब्जा जताते हुए उसका लेंटर तोड़ दिया, वहीं इसी बात को लेकर कांग्रेसी भड़क गए। कांग्रेसियों ने मौके पर जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि ये दुकान कांग्रेस भवन की मलकीयत है और भाजपाइयों ने कैसी इस दुकान का लेंटर गिराया? ये गैर कानूनी है। इसी बात को लेकर कांग्रेसियों और भाजपाइयों में हाथापाई की भी नौबत आ गई, लेकिन इसी दौरान मौके पर पुलिस पहुंच गई। दोनों पक्षों ने पुलिस को अपनी-अपनी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूर्व मंत्री के लेटर हेड पर भाजपाइयों को सौंप दी दुकान
दरअसल, ये विवाद एक कांग्रेसी नेता द्वारा ही खड़ा किया गया। इस कांग्रेसी नेता ने सिटी कांग्रेस भवन की एक दुकान को कांग्रेस के ही एक पूर्व मंत्री के लेटर हैड पर सिटी भाजपा के एक नेता को किराए पर दे दी। उस नेता से करीबन दो लाख रुपये ले लिए गए और उस दुकान को चार हजार रुपये में किराए पर दे दिया गया। उसके बाद भाजपा नेता ने फटाफट से दुकान पर अपना कब्जा लेते हुए दुकान का लेंटर गिरा दिया और इस दुकान को नई तरीके से बनाना शुरू करने लगा, लेकिन जब अन्य कांग्रेसियों को इसका मालूम चला तो शुक्रवार को सिटी के तमाम कांग्रेस प्रदेश सचिव हरीश सासन, जनार्दन ठाकुर, देवराज देबा, राजकुमार गामा, पूर्व पार्षद कुलदीप सिंह गुल्लु, नरेंद्र पाली, सुखविंद्र सिंह, अर्जुन धीमान इत्यादि वहां एकत्रित हो गए। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने सारा मामला प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को बताया। जिस पर अशोक तंवर ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई करवाने के निर्देश दिए।
कांग्रेसियों ने जबरन वापस लिया कब्जा
इस पर एकजुट हुए कांग्रेसियों ने दुकान के आगे अपनी दीवार खड़ी करवाकर अपना कब्जा वापस लेने की कार्रवाई शुरू करवा दी। इसी बात पर वहां भाजपाइयों और कांग्रेसियों में तीखी नोकझोंक हो गई और नौबत हाथापाई तक आ गई। भाजपाइयों का कहना था कि उन्हें कांग्रेस के एक नेता ने लेटर हैड पर लिखकर ये दुकान पगड़ी समेत किराए पर दी है। बकायदा इस एवज में नेता को दो लाख से ज्यादा रुपये पार्टी फंड के रूप में दिए गए हैं।
लेकिन कांग्रेसियों का कहना है कि जिस नेता ने जिस पूर्व मंत्री के लैटर हैड का इस्तेमाल किया है, उस नेता के पास दुकान किराए पर लेने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेसियों के अनुसार दुकान किराए पर देने संबंधी फैसले सभी कांग्रेसी बैठकर लेते हैं, किसी एक नेता को ये अधिकार नहीं है। उसके बाद कांग्रेसियों ने दुकान के आगे दीवार खड़ी करके अपना कब्जा वापस ले लिया। उधर, प्रदेश सचिव हरीश सासन ने बताया कि उन्होंने पूर्व मंत्री के लैटर हैड पर कांग्रेस भवन की दुकान भाजपाइयों को किराए पर देने वाले कांग्रेसी नेता की शिकायत भी प्रदेशाध्यक्ष को भेज दी है। उनके अनुसार हैरानी की बात यह कि जिस वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के लैटर हैड पर दुकान भाजपाइयों को दी जा रही थी, उस पर वरिष्ठ नेता के हस्ताक्षर तक नहीं हैं।
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दोनों पक्षों की शिकायत आई थी। जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। दोनों पक्षों से बातचीत कर बैठकर उनका फैसला करवाया जा रहा है। मामला शांतिपूर्वक निपटा दिया जाएगा। दोनों पक्षों की सुनवाई की जा रही है और पुलिस इसमें अपनी भूमिका निष्पक्षता से निभाएगी।
-रजनीश यादव, एसएचओ, कोतवाली थाना-