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Ambala News: श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर सेबलो की अंबाला में आज होगी वार्षिक सभा

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फिरोजपुर। श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन (सेबलो) की रविवार अंबाला (हरियाणा) में वार्षिक आम सभा होगी। इसमें उक्त यात्रा के दौरान लंगर लगाने वाली विभिन्न राज्यों की लंगर संस्थाओं के सदस्य हिस्सा लेंगे। यात्रा दौरान लंगर लगाने की जो समस्याएं संस्थाओं को आती है, उस पर विचार-विमर्श किया जाएगा और उनकी मुश्किलें दूर करने के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को गुहार लगाई जाएगी। यह जानकारी सेबलो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लोक चौधरी ने दी है।
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चौधरी ने कहा कि इस सभा में 2023 की यात्रा के दौरान लंगर संगठनों, तीर्थयात्रियों और अन्य हितधारकों की ओर से सामना की गई समस्याओं पर चर्चा की जाएगी और यात्रा 2024 के दौरान यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की योजना बनाई जाएगी। सचिव महेश मित्तल ने कहा कि सेबलो के भारत के विभिन्न हिस्सों से जुड़े लंगर संगठन इस सभा में भाग लेंगे। सभी सदस्य संगठनों को इस सभा में भाग लेने के लिए सूचित किया गया है और अगर किसी को श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड से प्राप्त ''''''''निमंत्रण पत्र'''''''' भरने में कोई समस्या हो, तो उस संगठन को दस्तावेज संपूर्ण करने में सहायता की जाएगी।

अध्यक्ष राजन गुप्ता व महासचिव एचके चुग ने कहा कि श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन (एसएबीएलओ) प्रत्येक वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन, कंबल का वितरण, रात्रि विश्राम, चिकित्सा सहायता और कई अन्य सुविधाएं प्रदान करता है। सेबलो यात्रा में आने वाले प्रत्येक शिवभक्तों का ध्यान रखती है। यात्रा में उन्हें कोई परेशानी न हो इसके लिए पवित्र गुफा को जाने वाले दोनों रास्तों पर लंगर की व्यवस्था की जाती है।
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12 लंगर संस्थाओं को श्राइन बोर्ड ने नहीं भेजे पत्र



प्रत्येक साल श्री अमरनाथ यात्रा दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए लंगर लगाने वाली लगभग 12 संस्थाओं को इस बार यात्रा में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने न्योता पत्र नहीं भेजा है। इस पर लंगर संस्थाओं ने नाराजगी जताई है। यही नहीं, बोर्ड ने उक्त लंगर संस्थाओं को कोई कारण तक नहीं बताया है। सेबलो के अध्यक्ष राजन गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने ये गलत किया है। लंगर संस्थाएं शिवभक्तों की सेवा के लिए लंगर व अन्य सुविधाओं का बंदोबस्त करती है। फिर भी उनके साथ ऐसा किया जा रहा है। ये तो बोर्ड की तानाशाही है।
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