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Ambala News: प्रदेश की 60 धरोहरों को संरक्षित करेगा पुरातत्व विभाग

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अंबाला सिटी। प्रदेश में मौजूद ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों के संरक्षण के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। हरियाणा पुरातत्व विभाग अभी तक 40 ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित कर चुका है। अब विभाग द्वारा प्रदेश भर में 60 अन्य इमारतों को संरक्षित करने की तैयारियों में जुटा है। इसके बाद प्रदेश में 100 ऐतिहासिक इमारतें संरक्षित हो जाएंगी। इन इमारतों को इनकी ऐतिहासिक भूमिका और वास्तुकला के आधार पर संरक्षित किया जाएगा। इन इमारतों जिला अंबाला की इमारतों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि इनमें अंबाला की कौन सी धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा यह अभी साझा नहीं किया गा है। मगर अंबाला में करीब 50 ऐतिहासिक इमारतें है ऐसी जो मुगलों और अंग्रेजों के समय की बनी हुई है। लेकिन मौजूदा समय में इन इमारतों की हालत बिगड़ी हुई है। पुरातत्व विभाग की ओर से इस प्रकार की इमारतों के संरक्षण के लिए हेरिटेज वॉक भी निकाली जा रही है। इसके जरिये लोगों को ऐतिहासिक स्मारकों के बारे में बताया जा रहा है।
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अंबाला में पहली बार हुई हेरिटेज वॉक
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह पुस्तकालय से शुरू हुई। जहां इतिहास के प्रो डॉ चांद सिंह ने इस ब्रिटिशकालीन इमारत के स्थापत्य, इतिहास एवं महत्व के बारे में बताया। मौजूदा समय में यह इमारत पुस्तकालय के तौर पर इस्तेमाल कि जा रही है। इसके साथ ही हेरिटेज वॉक कपड़ा मार्केट में स्थित कोस मिनार, पुरानी मस्जिद, जोहराबाई अंबालेवाली के मकान, रानी दयाकौर की समाधि, ओल्ड ग्लेडस्टोन जलाशय तक पहुंची। डॉ चांद सिंह ने ग्लेडस्टोन जलाशय के ब्रिटिश आर्किटेक्ट के विषय में दर्शकों को जानकारी दी। 1895 में बना यह जल भंडार आज भी पूरी तरह कार्य कर रहा है। पुरातत्व विभाग हरियाणा के सलाहकार विनीत बनवाला ने इस अवसर पर लोगों से हरियाणा के विभिन्न नगरों में बिखरी पड़ी विरासत को संभालने एवं सहेजने के प्रयास के लिए अपील की।



चार कोस मीनारों में से सिर्फ एक संरक्षित



अंबाला जिले में चार कोस मीनारें है, लेकिन उनमें से सिर्फ दो मीनारें ही अभी तक संरक्षित रखी गई है। जिनमें एक अंबाला शहर की कपड़ा मार्केट में और दूसरी कोट कच्छुआ गांव में मौजूद है। इसके अलावा दो अन्य मीनारें कोलां और मच्छौंडा गांव में स्थित है जो खत्म होने के कगार पर हैं। प्रदेश में कुल 27 कोस मीनार है। इन मीनारों को अकबर ने अपने शासन काल में राहगीरों को रास्ता दिखाने के लिए बनवाया था।
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वर्जन



अंबाला में इस प्रकार की जागरूकता वॉक पहली बार आयोजित कि गई है। विभाग की ओर से प्रदेश में 60 ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा। जिसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
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-विनीत कुमार, सलाहकार पुरातत्व विभाग हरियाणा
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