अंबाला सिटी। जिले के राजकीय, एडेड और सेल्फ फाइनांस कॉलेजों में दाखिले के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। अहम बात यह है कि कॉलेजों में सीट के मुकाबले आवेदन कम पहुंच रहे हैं, जबकि सीट ज्यादा हैं।
दूसरी तरफ राजकीय आईटीआई और राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में आवेदन की स्थिति सीट के मुकाबले ज्यादा हैं। कॉलेजों में 16 जून ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख है।
कॉलेजों में ऐसे चलेगी दाखिला प्रक्रिया
- 25 जून को प्रोविजनल मेरिट सूची जारी की जाएगी।
- 26 जून को पहली फाइल सूची जारी की जाएगी।
- पहली सूची में मेरिट में आने वाले अभ्यर्थी 27 से 30 जून तक फीस जमा करवा सकेंगे।
- दो जुलाई को दूसरी मेरिट प्रोविजनल सूची जारी की जाएगी।
- तीन जुलाई को अंतिम दूसरी मेरिट सूची जारी की जाएगी।
- दूसरी मेरिट सूची में आने वाले अभ्यर्थी चार से सात जुलाई तक पोर्टल पर फीस जमा करा सकेंगे।
- दो मेरिट सूची के बाद सीट बचने पर नाै जुलाई से फिजिकल काउंसलिंग की जाएगी।
- सीट बचने पर 10 जुलाई को दोबारा ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन मांगे जाएंगे।
आईटीआई में 20, पॉलिटेक्निक में आवेदन 30 तक
दरअसल, राजकीय आईटीआई में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 जून और राजकीय पॉलिटेक्निक में 30 जून तक चलेगी। आईटीआई और पॉलिटेक्निक में सीट के मुकाबले ज्यादा आवेदन पहुंच रहे हैं। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शहर में 1184 सीट के मुकाबले 2477 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसी तरह राजकीय बहुतकनीकी संस्थान शहर में 600 सीट पर दाखिला होना है। संस्थान में 700 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं।
कोट्स
कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स में अभ्यर्थी रुझान दिखा रहे हैं। परंपरागत कोर्स में पिछले वर्षों के मुकाबले कम आवेदन आ रहे हैं।
डॉ. निशा बुराक, दाखिला नोडल अधिकारी, राजकीय महिला महाविद्यालय, अंबाला शहर।
मेडिकल और नॉन मेडिकल में आवेदन कम : मलिक
हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान दयानंद मलिक ने बताया कि कॉलेजों में सीट के मुकाबले आवेदन कम आ रहे हैं। बीए, बीसीए में आवेदन की स्थिति ठीक है। बीकॉम में भी स्थिति ठीक हुई है, मगर मेडिकल व नॉन मेडिकल कोर्स में आवेदन कम आ रहे हैं। इसका कारण यह भी है कि थोड़ी दूरी पर ही कॉलेज खुल रहे हैं। आईआईएम, आईआईएम, पॉलीटेक्निक और आईटीआई में सीट बढ़ रही हैं। पहले पीजी कोर्स भी कुछ ही कॉलेजों में होता था। अब पीजी कोर्स छोटे कॉलेजों में भी खुले हैं। सरकार की ओर से कंपनी के साथ इंटर्नशिप के लिए टाइअप नहीं किया गया है। इसका असर भी कॉलेजों में पड़ रहा है।