खंड शहजादपुर और साथ लगते कस्बे में लगभग दर्जनों पोल्ट्री फार्मों से पैदा होने वाले मक्खियों की भरमार से ग्रामीण परेशान हो चुके हैं। इसके कारण लोग बीमार भी हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासान व राज्यमंत्री के खुले दरबार में और सांसद अंबाला को भी कई बार इस परेशानी से अवगत करवाया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों में सुदेश रानी, कुसुम, बबली, लाजवंती, रूलदी, सरोज बाला, सीमा, रानी, कोमल, राजवंती, सलोचना, हंस राज, बचना राम, बलजीत, मानसिंह, अमर पाल, सुनील कुमार, गुलाब सिंह, संजीव कुमार, नाथी राम, करनैल सिंह, सुरेंद्र कुमार, ओम प्रकाश, कुलदीप सिंह, अजय कुमार, राम कर्ण, सुंदर कुमार, श्याम लाल, मनदीप आदि ने आदि ग्रामीणों ने बताया कि पोल्ट्री फार्म संचालक मक्खीमार दवाई का प्रयोग नहीं करते। इस कारण गांव के अधिकांश बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों में रिश्तेदार व परिचित गांव में आने-जाने कतराने लगे हैं। वे कई बार पोल्ट्री फार्मों संचालकों से दवाई का छिड़काव करने के बारे में कह चुके हैं लेकिन संचालक इस ओर ध्यान नहीं देते। ग्रामीणों ने संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने के लिए कई बार धरने प्रदर्शन किए और पोल्ट्री संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन हालात नहीं सुधर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि एसडीएम रुचि सिंह के कार्यालय में पोल्ट्री फार्म संचालकों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने सभी संचालकों को पोल्ट्री फार्मों में सफाई रखने, समय पर मक्खीमार दवाई का इस्तेमाल करने व अन्य कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। परंतु एसडीएम के निर्देशों का दो-चार दिन पालन करने के बाद पोल्ट्री संचालकों ने मनमानी करनी शुरू कर दी।
इस बारे में जिला उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने कहा कि जल्द ही पोल्ट्री फार्मों की जांच करवाकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गांव में मक्खीमार स्प्रे किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में जाकर लोगों स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।