भारत और पाकिस्तान के विभाजन के लिए मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने कहा खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाली पार्टी ने हिंदुओं और मुसलमानों में बंटवारा किया था।
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द केवल उन लोगों को नहीं होना जो विस्थापित हुए। वास्तव में यह दर्द देश के 144 करोड़ लोगों को महसूस होना चाहिए।
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विभाजन के समय कुछ लोग पाकिस्तान गए और कुछ लोग पाकिस्तान से अपनी संपत्ति छोड़कर भारत आए। मंत्री अनिल विज ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को भारत का विभाजन हुआ था, जो धर्म के आधार पर किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाली कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता उस समय कहां थी, जब भारत के दो टुकड़े किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने के भी विभाजन के समझौते पर हस्ताक्षर थे, जिसके तहत हिंदुओं और मुसलमानों को अलग-अलग बांटा गया। उस समय कांग्रेस ने इसका विरोध नहीं किया। विज ने आगे कहा कि कांग्रेस ने मां भारती के टुकड़े होने दिए, जिसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता।