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Ambala News: धरने पर डटे रहे नाराज किसान

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शहजादपुर (अंबाला )। सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर नहीं करने को लेकर शुक्रवार को किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय शहजादपुर के प्रांगण में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगाने का प्रयास किया, लेकिन डीएसपी नारायणगढ़ आदर्शदीप सिंह के समझाने पर वे पीछे हट गए।
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वहीं छावनी के मोहड़ा मंडी में भी भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह की अगुवाई में किसान एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों ही प्रदर्शनों में भारी मात्रा में पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात रहा। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं की तो पांच जून को तालाबंदी की जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह, गन्ना किसान कमेटी के पदाधिकारियों व उनसे जुड़े किसानों ने पहले ही एलान किया था कि शुक्रवार को शहजादपुर में मार्केट कमेटी कार्यालय पर सूरजमुखी की खरीद न होने को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार किसान सुबह 10 बजे ही भाकियू शहीद भगत सिंह व गन्ना किसान कमेटी के बैनर तले अनाजमंडी शहजादपुर स्थित मार्केट कमेटी के पहुंचने शुरू हो गए थे। देखते ही देखते वहां पर किसानों का जमावड़ा लग गया।
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शहजादपुर में एकत्रित हुए किसानों का कहना था कि प्रदेश सरकार ने घोषणा की हुई है कि वह सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर करेगी। घोषणा के अनुसार यह खरीद एक जून से शुरू होनी थी, परंतु दो जून तक भी सरकारी खरीद नहीं हो सकी।
किसानों का कहना है कि सरकार ने सूरजमुखी की एमएसपी 6400 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है। सरकारी खरीद शुरू न किए जाने पर अनाजमंडी में निजी व्यापारी सूरजमुखी को 3500 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी, गन्ना किसान कमेटी के प्रधान गुरमिंद्र सिंह जटवाड़, विक्रम राणा बुर्ज, गुरजीत सिंह, गुरूतेग सिंह, जसविन्द्र सिंह दनौरा, साहब सिंह सहित अन्य मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंची एसडीएम ने की किसानों से बातचीत
इस दौरान एसडीएम नारायणगढ़ सी जया शारदा मौके पर पहुंची। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने किसानों की मांग को ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। जिस पर किसान नेताओं ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। पहले जिले में सूरजमुखी की सरकारी खरीद के लिए केवल शहजादपुर की अनाजमंडी केंद्र बना हुआ था। अब छावनी की अनाजमंडी को भी खरीद केंद्र बना दिया गया है।

इसलिए हो रहा विरोध
प्रदेश सरकार ने सूरजमुखी को भावांतर भरपाई योजना में शामिल कर लिया है। जिसमें प्रति एकड़ आठ क्विंटल सूरजमुखी पर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को दिए जाएंगे। यह पैसा उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने सूरजमुखी की फसल का पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। किसानों का आरोप है कि पोर्टल ही नहीं खुल रहा तो ऑनलाइन पंजीकरण कैसे होगा।
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