अंबाला। डिफेंस सर्विसेज सिविलियन पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ रोष जताया गया। एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग में पेंशनभोगियों का नाम शामिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की है। संगठन ने याद दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि पेंशन कोई दान या इनाम नहीं, बल्कि कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है।
पुराने व नए सेवानिवृत्त लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि 8वें वेतन आयोग के गठन के आदेश में वित्त मंत्री द्वारा पेंशनर्स का उल्लेख न करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 7वें वेतन आयोग में पेंशनर्स शामिल थे, लेकिन इस बार हमें बाहर रखना अन्यायपूर्ण और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। संगठन ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की है कि आयोग के कार्यक्षेत्र में तत्काल पेंशनर्स का नाम जोड़ा जाए। संवाद